रामनगर पुलिस का बड़ा कदम, ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान से बदलेगी समाज की तस्वीर!
रामनगर थाना पुलिस 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत खेतों, खदानों और स्कूलों में जाकर आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करा रही है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य जनसहयोग से नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।
रामनगर. मध्यप्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के क्रम में रामनगर थाना पुलिस टीम द्वारा ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ जन-जागरण कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। थाना प्रभारी सुमित कौशिक के नेतृत्व में पुलिस बल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर विभिन्न सामाजिक वर्गों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत कर रहा है।
समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा जागरूकता का संदेश
पुलिस टीम धान की रोपाई में लगे किसानों, कोयला खदानों के मजदूरों, शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों, बैंक कर्मियों और आम ग्राहकों के बीच पहुंचकर संवाद स्थापित कर रही है। संवाद के दौरान यह स्पष्ट किया जा रहा है कि नशीले पदार्थों का सेवन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पारिवारिक स्थिति, सामाजिक प्रतिष्ठा और भविष्य को भी अंधकारमय बना देता है।
अवैध गतिविधियों की सूचना देने और सहयोग की अपील
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से स्वयं को नशीली वस्तुओं से दूर रखने तथा अपने आसपास के युवाओं को प्रेरित करने का आग्रह किया जा रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, बिक्री या सेवन की स्थिति में बिना किसी भय के तुरंत पुलिस को सूचित करने का आह्वान किया गया है, ताकि जनसहभागिता से इस बुराई का उन्मूलन किया जा सके।
नशामुक्त प्रदेश के संकल्प को पूरा करने की दिशा में कदम
रामनगर पुलिस का उद्देश्य प्रत्येक गांव, स्कूल, कार्यस्थल और परिवार को इस मुहिम से जोड़ना है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि नागरिकों का सहयोग ही नशामुक्त प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने की असली कुंजी है। स्वस्थ और सुरक्षित जीवन शैली अपनाकर ही समाज को एक बेहतर दिशा दी जा सकती है।




