जशपुर में बदलेगी पत्थलगांव की तस्वीर, जूदेव चौक और बीटीआई तालाब बनेंगे आकर्षण का केंद्र
पत्थलगांव में जूदेव चौक और बीटीआई तालाब का सौंदर्यीकरण तेजी से जारी है। आधुनिक सुविधाओं और हरित विकास के साथ यह क्षेत्र पर्यटन और नगर की नई पहचान बनने की ओर बढ़ रहा है।
रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के शहरों और नगरों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक स्वरूप देने पर विशेष जोर दे रही है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के पत्थलगांव में जूदेव चौक और बीटीआई तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य तेज गति से जारी हैं। जिला प्रशासन ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि दोनों परियोजनाएं तय समय पर पूरी हो सकें।
कलेक्टर ने किया निर्माण कार्यों का निरीक्षण
जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने जूदेव चौक और बीटीआई तालाब पहुंचकर निर्माण कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। साथ ही समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया।
जूदेव चौक को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
पत्थलगांव-अंबिकापुर मार्ग पर बस स्टैंड से लगभग दो किलोमीटर दूर करीब 31.13 लाख रुपये की लागत से जूदेव चौक विकसित किया जा रहा है। यहां पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा के आसपास आकर्षक मिनी गार्डन तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा आधुनिक लाइटिंग, कलात्मक पेंटिंग, हरित क्षेत्र और अन्य सौंदर्यीकरण कार्यों के जरिए चौक को नया और आकर्षक रूप दिया जा रहा है।
बीटीआई तालाब भी बनेगा नया आकर्षण
जूदेव चौक के समीप स्थित बीटीआई तालाब का सौंदर्यीकरण भी तेजी से किया जा रहा है। करीब 24 लाख रुपये की लागत से तालाब परिसर को विकसित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को कार्य में और तेजी लाने तथा सभी निर्माण गतिविधियां प्राथमिकता के आधार पर तय समय में पूरी करने के निर्देश दिए।
पर्यटन और नगर की पहचान को मिलेगा नया आयाम
प्रशासन का मानना है कि दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जूदेव चौक और बीटीआई तालाब स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेंगे। इससे पत्थलगांव की सुंदरता में बढ़ोतरी होगी, पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और नगर को एक नई पहचान भी मिलेगी।




