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NIA की बड़ी कानूनी कार्रवाई, पहलगाम आतंकी हमले में हाफिज सईद पर बढ़ा दबाव

पहलगाम आतंकी हमले की जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। NIA ने हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कराया है। पूरक आरोपपत्र में भारत के खिलाफ साजिश, युद्ध छेड़ने और आतंकी नेटवर्क से जुड़े गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं।

पहलगाम. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की जांच के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा कानूनी कदम उठाया है। एजेंसी ने लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कराया है। भारत, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र पहले ही उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुके हैं। मुंबई 26/11 हमलों का मास्टरमाइंड भी उसे माना जाता है, जिससे यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पूरक आरोपपत्र के बाद अदालत का आदेश

मामले में NIA ने पहले विशेष अदालत में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया, जिसके बाद अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निष्पक्ष, व्यापक और प्रभावी जांच के लिए आरोपी की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। इसी आधार पर वारंट जारी करते हुए इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई।

लश्कर और टीआरएफ से जुड़ी भूमिका पर आरोप

पूरक आरोपपत्र में 76 वर्षीय हाफिज सईद को व्यक्तिगत रूप से आरोपी बनाने के साथ-साथ प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के प्रमुख के रूप में भी नामित किया गया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

गिरफ्तारी से बचने का आरोप

जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा निवासी हाफिज सईद इस मामले में फरार आरोपी है और वह जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है। एजेंसी ने आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

भारत के खिलाफ साजिश और युद्ध छेड़ने के आरोप

NIA के अनुसार, पूरक आरोपपत्र में हाफिज सईद पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने, सीमा पार से आतंकी साजिश रचने और आतंकवादी गतिविधियों का संचालन करने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी का कहना है कि वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और जमीनी स्तर पर जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क और पहलगाम हमले के बीच कथित संबंधों को आरोपपत्र में विस्तार से शामिल किया गया है। यह कार्रवाई मामले की जांच को कानूनी रूप से और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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