MP में तीर्थ पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, सिंहस्थ 2028 और मंदिर विकास पर सरकार का बड़ा फोकस
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। प्रमुख पर्यटन स्थलों, नर्मदा परिक्रमा, मंदिरों के जीर्णोद्धार, QR कोड व्यवस्था और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर विभागीय समीक्षा बैठक में कई अहम निर्देश दिए गए।
भोपाल. मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का दायरा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ जीवनदायिनी मां नर्मदा की नर्मदा परिक्रमा को भी योजना में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नर्मदा प्रदेश के 16 जिलों से होकर गुजरती हैं, इसलिए इस धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही अंतरराज्यीय तीर्थ दर्शन के लिए बस संचालन की योजना पर भी तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए।
मंदिरों के जीर्णोद्धार और परिसंपत्तियों की होगी समीक्षा
बैठक में गैर-शासन संधारित मंदिरों के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए अलग योजना तैयार करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा शासन संधारित मंदिरों से जुड़ी भूमि की वर्तमान स्थिति और राज्य के बाहर स्थित विभागीय परिसंपत्तियों की समीक्षा भी की गई। विभाग को मंदिरों के दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को अद्यतन रखने और संरक्षण कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए गए।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर विशेष फोकस
समीक्षा बैठक में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को प्राथमिकता देते हुए विभाग को व्यापक और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले प्रमुख मंदिरों के विकास, तीर्थ स्थलों के सुनियोजित विस्तार और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही जनप्रतिनिधियों की ओर से प्राप्त विकास प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाने की बात भी कही गई।
सभी शासन संधारित मंदिरों में अनिवार्य होंगे QR कोड
श्रद्धालुओं को आधुनिक और पारदर्शी सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी शासन संधारित मंदिरों में QR कोड व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही प्रमुख मंदिरों की प्रमाणिक और विस्तृत जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन, इतिहास और अन्य आवश्यक सूचनाएं एक ही मंच पर आसानी से मिल सकें।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
विभागीय समीक्षा में तीर्थ पर्यटन को अधिक व्यवस्थित, तकनीक आधारित और श्रद्धालु हितैषी बनाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के विस्तार, मंदिरों के संरक्षण, डिजिटल सुविधाओं और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के माध्यम से मध्यप्रदेश को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम तेज करने के निर्देश दिए गए।




