मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बढ़ावा, 62,500 करोड़ की नई PLI योजना को मंजूरी
केंद्र सरकार ने मोबाइल फोन विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 62,500 करोड़ रुपये की दूसरी PLI योजना को मंजूरी दी है। नई योजना का उद्देश्य उत्पादन, निवेश, रोजगार और निर्यात को गति देना है। पिछले वर्षों में भारत मोबाइल निर्माण और स्मार्टफोन निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है।
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने देश में मोबाइल फोन विनिर्माण को नई गति देने के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना के लिए 62,500 करोड़ रुपये का प्रावधान स्वीकृत किया है। सरकार का उद्देश्य घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने, रोजगार के अवसर सृजित करने और भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में और मजबूत बनाना है।
मोबाइल उत्पादन में लगातार दर्ज हुई तेज बढ़ोतरी
सरकार के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में भारत का मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र तेजी से विकसित हुआ है। वित्त वर्ष 2019-20 में जहां देश में लगभग 2.14 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन का उत्पादन होता था, वहीं 2024-25 तक यह आंकड़ा बढ़कर 5.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। यह वृद्धि घरेलू उत्पादन क्षमता और विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ते निवेश को दर्शाती है।
स्मार्टफोन निर्यात ने बनाया नया रिकॉर्ड
मोबाइल उत्पादन के साथ-साथ निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कुछ वर्षों पहले जहां भारत से मोबाइल फोन का निर्यात करीब 27,000 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। वर्ष 2025 में स्मार्टफोन देश का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बनकर उभरा और कुल 2.62 लाख करोड़ रुपये के स्मार्टफोन विदेशों में भेजे गए। इस दौरान भारत में निर्मित प्रीमियम स्मार्टफोन के निर्यात में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
भारत बना वैश्विक मोबाइल विनिर्माण का प्रमुख केंद्र
सरकार का कहना है कि उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं और उद्योग समर्थक नीतियों के कारण भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माता बन चुका है। वर्ष 2014 में मोबाइल फोन आयात पर निर्भर रहने वाला भारत अब शुद्ध निर्यातक के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। वर्तमान में देशभर में 300 से अधिक मोबाइल विनिर्माण इकाइयां संचालित हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश और रोजगार दोनों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। नई PLI योजना से इस क्षेत्र में उत्पादन और निर्यात को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।




