लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी, 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में पहुंचे 1835 करोड़ रुपये
मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1835 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जारी की गई। भिंड में विकास परियोजनाओं और नई घोषणाओं की भी सौगात मिली।
भिंड. मध्यप्रदेश के भिंड जिले के लहार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 1835 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि अंतरित की। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है।
भिंड को मिली विकास परियोजनाओं की सौगात
कार्यक्रम के दौरान भिंड जिले के लिए 322 करोड़ रुपये की लागत वाले 56 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। इनमें चार सांदीपनि विद्यालयों के नए भवन भी शामिल हैं। साथ ही लहार में महाविद्यालय स्तर पर स्नातकोत्तर कक्षाओं के विस्तार की घोषणा की गई, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
महिलाओं, युवाओं और किसानों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं के साथ-साथ युवाओं, किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। उनका कहना था कि युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने लाड़ली बहना योजना को परिवारों की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सम्मान से जोड़ते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण पहल बताया।
परिवहन और शिक्षा क्षेत्र में नई पहल
राज्य में जल्द ही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की घोषणा भी की गई। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और छात्राओं को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। शिक्षा के क्षेत्र में सांदीपनि विद्यालयों का विस्तार करते हुए आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार आधारित शिक्षण व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया।
यूसीसी लागू करने की तैयारी का उल्लेख
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भी सरकार की तैयारी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सुझाव और परामर्श की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश में इसी माह इसके क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य व्यक्तिगत और पारिवारिक कानूनों में समान व्यवस्था लागू करना है।
उद्योग, कृषि और धार्मिक पर्यटन पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योग, कृषि और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी, गौशालाओं के विस्तार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। साथ ही नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन और ग्रामीण क्षेत्रों में वृंदावन ग्राम जैसी अवधारणाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
दंदरौआ सरकार धाम में की पूजा-अर्चना
भिंड प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने मेहगांव स्थित दंदरौआ सरकार धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने धार्मिक स्थलों को सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने वाला केंद्र बताते हुए मंदिर परिसर का भ्रमण भी किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।




