मंत्री बनाने के नाम पर करोड़ों की ठगी की कोशिश, कांग्रेस विधायक ने सूझबूझ से नाकाम किया खेल
केरल की कांग्रेस विधायक विद्या बालकृष्णन को व्हाट्सऐप कॉल पर मंत्री बनाने का झांसा देकर 3 करोड़ रुपये मांगने का मामला सामने आया। सूझबूझ से उन्होंने ठगी की कोशिश को पहचान लिया और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
एलाथुर. केरल की एलाथुर विधानसभा क्षेत्र की कांग्रेस विधायक विद्या बालकृष्णन को मंत्री बनाने का लालच देकर साइबर ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सऐप कॉल कर दावा किया कि राज्य मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल के दौरान उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है। इसके बदले उसने 3 करोड़ रुपये की मांग की। कॉल करने वाले ने अंग्रेजी में बातचीत करते हुए खुद को प्रभावशाली राजनीतिक संपर्कों से जुड़ा बताया।
बड़े नेताओं का नाम लेकर बढ़ाया भरोसा
कॉलर ने अपना नाम राजकुमार बताया और दावा किया कि वह वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी के कार्यालय से बात कर रहा है। उसने यह भी कहा कि एक अन्य सांसद ने विधायक का मोबाइल नंबर साझा किया है। बातचीत के दौरान उसने राजनीतिक संपर्कों का हवाला देकर विश्वास जीतने की कोशिश की और मंत्री पद दिलाने का भरोसा दिलाया।
विधायक ने सूझबूझ से खोली ठगी की परत
शुरुआत से ही कॉल पर संदेह होने के बावजूद विधायक ने बातचीत जारी रखी ताकि पूरे तरीके को समझा जा सके। करीब 10 मिनट तक चली बातचीत में उन्होंने कॉलर से कई सवाल किए। इस दौरान ठग कथित तौर पर मंत्री पद दिलाने की पूरी प्रक्रिया समझाने की कोशिश करता रहा। विधायक ने बातचीत के बाद संबंधित सांसद से संपर्क कर पूरे मामले की पुष्टि की।
सच सामने आते ही दर्ज कराई शिकायत
संबंधित सांसद ने बताया कि उन्हें भी पहले एक व्यक्ति ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय का नाम लेकर फोन किया था और कुछ विधायकों के संपर्क नंबर मांगे थे। इसके बाद विधायक और सांसद ने प्रियंका गांधी के आधिकारिक कार्यालय से संपर्क किया, जहां स्पष्ट किया गया कि इस तरह का कोई कॉल उनकी ओर से नहीं किया गया था। इससे यह साफ हो गया कि पूरा मामला साइबर ठगी का प्रयास था।
साइबर सेल ने शुरू की जांच
ठगी की कोशिश नाकाम होने के बाद विधायक ने कोझिकोड साइबर सेल में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक तकनीकी जांच में पता चला कि फर्जी व्हाट्सऐप कॉल दिल्ली से संचालित किया गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कॉल करने वाले गिरोह की पहचान के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी पद, नौकरी या राजनीतिक लाभ के नाम पर धन की मांग करने वाले कॉल या संदेशों से सतर्क रहें।



