मध्य पूर्व में तनाव घटने का दिखा बड़ा असर: कच्चे तेल के दाम गिरने से पेट्रोल और डीजल के सस्ते होने के संकेत
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने से भारत में पेट्रोल और डीजल के सस्ते होने की संभावना बढ़ गई है।

वैश्विक बाजार से देश की आम जनता के लिए बेहद सुखद संकेत सामने आ रहे हैं। सप्ताह के शुरुआती कारोबारी दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की दरों में पांच प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इस भारी कमी के चलते क्रूड ऑयल का भाव घटकर 92 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।
मध्य पूर्व में शांति प्रयासों से क्रूड ऑयल के दामों में आई नरमी
कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय दरों में हुई इस अचानक गिरावट का मुख्य कारण मध्य पूर्व क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव का कम होना माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच कतर तथा ओमान के माध्यम से बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की आपूर्ति बाधित होने का भय काफी हद तक समाप्त हो गया है।
भारतीय बाजार में ईंधन दरों में कटौती की जगी नई उम्मीद
ब्रेंट क्रूड के घटकर 92 डॉलर तथा डब्ल्यूटीआई क्रूड के 84.40 डॉलर प्रति बैरल पर आ जाने से भारतीय बाजार में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होने की संभावना काफी मजबूत हो गई है। बाजार विश्लेषकों का आकलन है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय दरें इसी निचले स्तर पर बनी रहती हैं, तो देश की तेल कंपनियां जल्द ही खुदरा ईंधन दामों में राहत प्रदान कर सकती हैं।




