डिजिटल सुशासन में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, तकनीक से बदल रही सरकारी सेवाओं की तस्वीर
छत्तीसगढ़ में डिजिटल सुशासन और प्रशासनिक सुधारों को नई गति मिली है। ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं, भूमि सुधार, निवेश और नागरिक सुविधाओं के विस्तार से शासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

रायपुर. छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधार और डिजिटल सुशासन को मजबूत बनाने के लिए व्यापक स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का फोकस ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें सरकारी सेवाएं सरल, पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित हों। अब तक लागू किए गए 435 प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के साथ नागरिकों, किसानों, उद्यमियों और निवेशकों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाने का प्रयास किया गया है। इसी वजह से प्रदेश डिजिटल गवर्नेंस और सेवा वितरण के क्षेत्र में तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है।
ऑनलाइन सेवाओं और पारदर्शी व्यवस्था पर विशेष जोर
सरकार ने भूमि प्रबंधन, राजस्व प्रशासन, शिकायत निवारण, औद्योगिक निवेश, पंजीयन व्यवस्था, डिजिटल कृषि और ई-गवर्नेंस जैसे अनेक क्षेत्रों में तकनीक आधारित सुधार लागू किए हैं। इन पहलों का उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना, नागरिकों का समय और खर्च बचाना तथा प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाना है। सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीक केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने का प्रभावी साधन भी है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ी योजनाओं की निगरानी
राज्य में विभिन्न योजनाओं की निगरानी और विभागीय समन्वय को मजबूत करने के लिए कई डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। ई-ऑफिस प्रणाली, ऑनलाइन मॉनिटरिंग पोर्टल और अन्य डिजिटल माध्यमों से फाइलों के निस्तारण की गति बढ़ी है तथा निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है। इन व्यवस्थाओं से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में दक्षता आने के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी प्रभावी निगरानी संभव हो रही है।
हेल्पलाइन और सेवा पोर्टल से नागरिकों को राहत
सरकार ने नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान और सरकारी सेवाओं की आसान उपलब्धता के लिए हेल्पलाइन और एकीकृत सेवा पोर्टल को मजबूत किया है। विभिन्न विभागों की सैकड़ों सेवाएं अब डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज सत्यापन, डिजिटल भुगतान और समयबद्ध सेवा वितरण जैसी सुविधाओं ने नागरिकों के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक सुविधाजनक बनाया है।
निवेश, पंजीयन और भूमि सुधारों को मिली नई दिशा
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिससे विभिन्न विभागों की स्वीकृतियां एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो रही हैं। इसके अलावा संपत्ति पंजीयन प्रक्रिया को ऑनलाइन और तेज बनाया गया है, जबकि भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण, आधुनिक रिकॉर्ड प्रबंधन और तकनीक आधारित सर्वेक्षण से पारदर्शिता बढ़ी है। इन सुधारों का उद्देश्य निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के साथ नागरिकों को तेज और विश्वसनीय सेवाएं उपलब्ध कराना है।
तकनीक आधारित विकास पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार का लक्ष्य प्रशासनिक सुधारों के जरिए विकास, निवेश, रोजगार और नागरिक सेवाओं को नई गति देना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, आधुनिक तकनीक और पारदर्शी प्रशासन के समन्वय से प्रदेश को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि सुशासन और तकनीक आधारित व्यवस्था राज्य के आर्थिक विकास के साथ नागरिकों के भरोसे को भी और मजबूत करेगी।




