भारतीय संस्कृति और सेवा भाव से बनेगा सशक्त समाज, भोपाल कार्यशाला में मंत्री कुशवाह का संदेश
भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय केयर इकोनॉमी कार्यशाला में मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने भारतीय संस्कृति, सेवा भाव और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान को सशक्त समाज की नींव बताया। सरकार ने दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद वर्गों के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने के संकेत दिए।
भोपाल. भोपाल में सामाजिक न्याय विभाग के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला ‘क्रिएटिंग अ वेल फंक्शनिंग केयर इकॉनोमी’ का शुभारंभ सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर, वंचित, दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सामाजिक सुरक्षा, पुनर्वास सेवाओं और तकनीक आधारित सुविधाओं को अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भारतीय संस्कृति और सेवा भाव को बताया समाज की ताकत
मंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक परंपराएं और सेवा की भावना देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। ग्रामीण समाज की सहभागिता, महिलाओं की सक्रिय भूमिका और परिवारों में बुजुर्गों के प्रति सम्मान सामाजिक मूल्यों को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय में इन सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित और सशक्त बनाए रखना समाज के संतुलित विकास के लिए आवश्यक है।
योग और पारंपरिक जीवनशैली पर दिया जोर
कार्यशाला के दौरान मंत्री ने कहा कि योग आज भारत की वैश्विक पहचान बन चुका है और स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने आधुनिक जीवनशैली के साथ संतुलित खान-पान, प्राकृतिक स्वास्थ्य पद्धतियों और पारंपरिक जीवन मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि स्वस्थ समाज के निर्माण में शारीरिक और मानसिक संतुलन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव को बताया अमूल्य धरोहर
मंत्री ने कहा कि बदलती जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या के कारण परिवारों में संवाद कम हो रहे हैं, जबकि वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण स्रोत है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक सोच और अच्छे संस्कारों को मजबूत करने के लिए संवाद, जागरूकता अभियान और इस तरह की कार्यशालाएं लगातार आयोजित की जानी चाहिए।
केयर इकोनॉमी को मजबूत करने की बनेगी कार्ययोजना
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 80 से अधिक वृद्धाश्रम संचालित हैं और अनेक संस्थाएं वरिष्ठ नागरिकों व जरूरतमंद लोगों की सेवा में सक्रिय हैं। विभाग समय-समय पर कार्यशालाओं और चिंतन शिविरों के माध्यम से सुझाव एकत्र करता है। इन सुझावों के आधार पर भविष्य में केयर इकोनॉमी को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक नीति और कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य जरूरतमंद वर्गों को बेहतर देखभाल, सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।




