दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा होगी अभेद्य: 3D स्कैनिंग और हाइड्रोलिक सिस्टम से रुकेगी घुसपैठ, PWD का बड़ा प्लान
दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा अब पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है। 4.66 करोड़ रुपये की लागत से AI फेस रिकग्निशन, 3D स्कैनिंग और हाइड्रोलिक बोलार्ड लगाए जाएंगे। जानें PWD का पूरा प्लान।
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से हाईटेक और अभेद्य बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। हाल ही में हुई एक सुरक्षा चूक की घटना से सबक लेते हुए अब विधानसभा परिसर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बायोमेट्रिक और अत्याधुनिक हाइड्रोलिक सिस्टम से लैस किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस पूरी योजना के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसके लिए करीब 4.66 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिना डिजिटल सत्यापन और गहन सुरक्षा जांच के किसी भी व्यक्ति या वाहन का अंदर प्रवेश करना नामुमकिन होगा।
क्यों पड़ी हाईटेक सुरक्षा की जरूरत?
यह पूरी योजना इस साल 6 अप्रैल को हुई एक गंभीर सुरक्षा चूक के बाद तैयार की गई है। तब एक नकाबपोश व्यक्ति यूपी नंबर की कार से विधानसभा के वीआईपी गेट नंबर-2 को तोड़कर सीधे परिसर के अंदर घुस गया था। वह सुरक्षा घेरे को ठेंगा दिखाते हुए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय तक पहुंच गया और वहां गुलदस्ता रखकर फरार हो गया था। इस घटना के बाद मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को अपग्रेड करना बेहद जरूरी माना गया।
बायोमेट्रिक एंट्री से लेकर 3D स्कैनिंग तक: ऐसा होगा नया सुरक्षा चक्र
- AI आधारित फेस रिकग्निशन: नई प्रणाली में ‘डीप न्यूरल नेटवर्क’ तकनीक पर काम करने वाला विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम (VMS) लगाया जाएगा।
- डिजिटल सत्यापन और बायोमेट्रिक: विधानसभा सदस्यों और कर्मचारियों को उनके सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर सीधी एंट्री मिलेगी। बाहरी आगंतुकों को फिंगरप्रिंट स्कैन और सरकारी पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी, पैन कार्ड आदि) के डिजिटल सत्यापन के बाद ही अंदर जाने की अनुमति मिलेगी।
- ब्लैकलिस्ट अलर्ट: संदिग्ध या प्रतिबंधित लोगों का डेटा सिस्टम में फीड रहेगा। ऐसे किसी भी व्यक्ति का चेहरा सामने आते ही सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देगा।
- वाहनों की 3D स्कैनिंग: विधानसभा के दो मुख्य प्रवेश द्वारों पर ‘अंडर व्हीकल स्कैनिंग सिस्टम’ (UVSS) लगेगा। जमीन में लगे हाई-रेजोल्यूशन कैमरों के जरिए गाड़ियों के नीचे के हिस्से की 3D स्कैनिंग होगी, जिससे विस्फोटक या हथियारों का तुरंत पता लगाया जा सके। यह सिस्टम 40 टन तक के भारी वाहनों का भार सहने में सक्षम है।
- क्रैश रेटेड हाइड्रोलिक बोलार्ड: विधानसभा के चार गेटों पर 18 हाइड्रोलिक क्रैश रेटेड बोलार्ड लगाए जाएंगे। जिन गाड़ियों को अनुमति होगी, उनके लिए ये बोलार्ड नीचे हो जाएंगे। यदि कोई वाहन जबरन घुसने की कोशिश करेगा, तो ये बोलार्ड 50 किमी/घंटा की रफ्तार से आते 7500 किलोग्राम वजनी वाहन को भी रोकने की ताकत रखते हैं।




