कोरबा में यूपी जैसा एक्शन: भाजपा नेता पर हमला करने वाले रज्जाक अली का अवैध साम्राज्य जमींदोज, चला बुलडोजर
छत्तीसगढ़ के कोरबा में भाजपा नेता शिव बालक तोमर पर हमला करने वाले रज्जाक अली के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर। प्रशासन ने सीतामणी में अवैध हिस्सा किया ध्वस्त, रासुका की भी तैयारी।
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अपराधियों के खिलाफ ‘बुलडोजर एक्शन’ देखने को मिला है। भाजपा नेता पर हुए जानलेवा हमले के मामले में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत सदस्य व पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रज्जाक अली के कथित अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम और प्रशासनिक अमले ने जेसीबी चलाकर अवैध हिस्से को ढहा दिया। इस कड़े कदम के बाद से इलाके के अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।
जांच में खुली पोल, नियमों को ताक पर रखकर बनाया था साम्राज्य
पिछले दिनों भाजपा नेता शिव बालक तोमर पर जिला पंचायत सदस्य रज्जाक अली और उसके साथियों ने जानलेवा हमला कर दिया था, जिसमें तोमर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रज्जाक को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने रज्जाक अली के नाम पर दर्ज संपत्तियों और उनके वैधानिक दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच के दौरान निर्माण में कई गंभीर अनियमितताएं और सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने इसे ध्वस्त करने का फैसला लिया।
भारी पुलिस बल के साए में सीतामणी में गरजा बुलडोजर
अवैध निर्माण को हटाने के लिए एसडीएम, तहसीलदार, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल और जेसीबी के साथ सीतामणी इलाके में पहुंची। किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवान तैनात किए गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों की सीधी निगरानी में तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसे देखने के लिए स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि जिले में अतिक्रमण, अवैध निर्माण और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
रासुका की तैयारी और गरमाया सियासी पारा
आरोपी रज्जाक अली का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ मारपीट समेत कई अन्य संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस प्रशासन ने उसके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्रवाई के बाद शहर का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। जहाँ एक तरफ विपक्ष ने इस कार्रवाई के समय और तरीके पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने इसे पूरी तरह निष्पक्ष और नियमों के तहत की गई कानूनी प्रक्रिया बताया है।




