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US से अडाणी को दो बार समन, भारत सरकार ने तामील कराने से किया इनकार

मुंबई. अमेरिकी शेयर बाजार नियामक Securities and Exchange Commission (SEC) और भारत के विधि मंत्रालय के बीच उद्योगपति गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी को समन भेजने को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है। तकनीकी आपत्तियों का हवाला देते हुए मंत्रालय ने दो बार समन तामील करने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद SEC ने अब अमेरिकी अदालत से ईमेल के जरिए नोटिस भेजने की अनुमति मांगी है।

दो बार लौटाया गया समन, तकनीकी आपत्तियां बनी वजह

  • दस्तावेजों के अनुसार, भारत सरकार ने मई और दिसंबर 2025 में दो अलग-अलग मौकों पर SEC द्वारा भेजे गए समन लौटाए।
  • मई 2025: मंत्रालय ने आपत्ति जताई कि SEC के कवर लेटर पर इंक सिग्नेचर (मूल हस्ताक्षर) नहीं थे और आवश्यक दस्तावेजों पर आधिकारिक मुहर भी नहीं लगी थी।
  • दिसंबर 2025: दूसरी बार मंत्रालय ने SEC के एक आंतरिक नियम Rule 5-b का हवाला देते हुए कहा कि समन जारी करना उन प्रवर्तन टूल्स में शामिल नहीं है, जो इस नियम के तहत कवर होते हैं।
  • सरल शब्दों में, मंत्रालय ने SEC के समन जारी करने के अधिकार पर ही तकनीकी सवाल खड़े किए।

SEC का पलटवार, कोर्ट से मांगी ईमेल नोटिस की अनुमति

SEC ने न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में दायर अपनी अर्जी में भारत सरकार के तर्कों को निराधार बताया है। SEC का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत समन भेजने के लिए किसी विशेष मुहर या इंक सिग्नेचर की अनिवार्यता नहीं होती। साथ ही, जिस Rule 5-b का हवाला भारत सरकार ने दिया है, वह SEC की आंतरिक जांच प्रक्रिया से जुड़ा है, न कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन भेजने की उसकी कानूनी शक्ति से।

अडाणी ग्रुप का पक्ष: आरोप आधारहीन

अडाणी ग्रुप ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह आधारहीन करार दिया है। ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी ने शेयर बाजारों को सूचित किया कि कंपनी इस कानूनी कार्यवाही में कोई पक्ष नहीं है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसके खिलाफ रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार के कोई आरोप नहीं हैं और SEC की यह कार्यवाही सिविल प्रकृति की है, न कि आपराधिक।

शेयर बाजार पर असर, ₹1 लाख करोड़ की वैल्यू घटी

इस खबर के सामने आने के बाद शुक्रवार को अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। ग्रुप की कुल मार्केट कैप में लगभग ₹1 लाख करोड़ की कमी आई। सबसे ज्यादा असर अडाणी ग्रीन एनर्जी पर पड़ा, जिसके शेयरों में करीब 14.6% की गिरावट देखने को मिली।

INE Desk

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