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बंगाल SIR पर सुप्रीम सख्त: CJI सूर्यकांत ने EC से कहा—जनता पर दबाव न पड़े

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ‘तार्किक विसंगतियों’ वाले 1.25 करोड़ मतदाताओं के नाम पंचायत और वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएं।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 19 जनवरी को पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर बड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को आदेश दिया कि जिन करीब 1.25 करोड़ मतदाताओं के खिलाफ “तार्किक विसंगतियों (Logical Discrepancy)” की आपत्ति दर्ज की गई है, उनके नाम सार्वजनिक रूप से प्रकाशित किए जाएं।

किस बेंच ने दिया आदेश

इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। बेंच में उनके साथ—

  • जस्टिस दीपांकर दत्ता
  • जस्टिस जॉयमाल्य बागची भी शामिल थे।

2 करोड़ लोगों को भेजे गए नोटिस

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि—

  • दस्तावेजों के सत्यापन के लिए करीब 2 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं
  • SIR प्रक्रिया के कारण राज्य में बड़ी संख्या में लोग तनाव और अनिश्चितता में हैं
  • कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि चुनाव आयोग को इस सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव को गंभीरता से समझना चाहिए।

‘तार्किक विसंगति’ क्या है?

Bar & Bench की रिपोर्ट का हवाला देते हुए अदालत ने बताया कि नोटिस मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटे गए हैं—

  • Mapped
  • Unmapped
  • Logical Discrepancy (तार्किक विसंगति)

तार्किक विसंगतियों में क्या-क्या शामिल

  • पिता या माता के नाम में गड़बड़ी
  • मतदाता और माता-पिता की उम्र में असामान्य अंतर
  • दादा-दादी की उम्र से संबंधित विसंगतियां
  • कोर्ट ने विशेष रूप से कहा कि राज्य में 1.25 करोड़ मतदाता इस तीसरी श्रेणी में आते हैं।

नाम सार्वजनिक करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि—

‘तार्किक विसंगति’ सूची में शामिल लोगों के नाम सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाएं

  • यह सूची
  • ग्राम पंचायत भवनों
  • तालुका/प्रखंड कार्यालयों
  • वार्ड कार्यालयों

में चस्पा की जाए, ताकि प्रभावित मतदाता समय रहते अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकें।

दस्तावेज और आपत्तियां दर्ज कराने की सुविधा

कोर्ट ने कहा कि—

  • SIR से प्रभावित मतदाताओं को अपने दस्तावेज और आपत्तियां प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाए
  • इसके लिए पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में विशेष काउंटर/कार्यालय स्थापित किए जाएंगे

पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य सरकार—

  • राज्य निर्वाचन आयोग को
  • पर्याप्त मानव संसाधन और स्टाफ
  • उपलब्ध कराए, ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से चले।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि—

  • सभी जिलों में जारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए
  • पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) यह सुनिश्चित करेंगे कि
  • कानून-व्यवस्था की कोई समस्या न हो
  • पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो

किन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था कोर्ट

शीर्ष अदालत पश्चिम बंगाल में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर—

  • मनमानेपन
  • प्रक्रियात्मक अनियमितताओं
  • के आरोपों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इसी संदर्भ में यह महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।

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