परिवहन ढांचे को बढ़ावा: कन्हौली में नए स्टैंड की घोषणा, पाटली से बढ़ेगी बाहरी राज्यों की पहुंच
पटना के कन्हौली में 50 एकड़ में बनेगा नया पाटली बस टर्मिनल। डीएम ने जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई। नए बस स्टैंड से जाम से राहत और अंतर-राज्यीय यात्रा होगी आसान।

पटना. बिहार से दूसरे राज्यों में आवागमन अब और आसान होने जा रहा है। पटना के पटना के कन्हौली इलाके में नया बस स्टैंड विकसित किया जाएगा, जिसका नाम पाटली बस टर्मिनल होगा। यह बस टर्मिनल लगभग 50 एकड़ भूमि पर बनेगा। प्रस्तावित भूमि कन्हौली मौजा के थाना नंबर-69 में स्थित है। प्रशासन के अनुसार भूमि अधिग्रहण से किसी भी परिवार के विस्थापन की संभावना नहीं है।
डीएम का आदेश: जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने संबंधित भूमि की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। फिलहाल यह भूमि कृषि उपयोग की है, हालांकि कुछ हिस्सों में रेसिडेंशियल और कॉमर्शियल गतिविधियां भी देखी जा रही हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूमि देने वाले मालिकों के परिवारों को आवासीय सहायक सड़क क्षेत्र के मानकों के अनुरूप मुआवजा दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कन्हौली में बस टर्मिनल विकसित करने की योजना वर्ष 2019 में ही तैयार कर ली गई थी।
पाटलिपुत्र बस टर्मिनल पर बढ़ता दबाव
वर्तमान में पटना का पाटलिपुत्र बस टर्मिनल बैरिया क्षेत्र में स्थित है। यह लगभग 25 एकड़ में निर्मित है, जबकि प्रारंभिक योजना 40 एकड़ में निर्माण की थी। सीमित क्षमता के कारण यहां से जिला और अंतर-राज्यीय बसों के संचालन में लगातार कठिनाइयां आ रही हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या के चलते टर्मिनल पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है।
नए बस टर्मिनल से क्या होंगे लाभ?
कन्हौली में प्रस्तावित पाटली बस टर्मिनल के निर्माण से कई अहम फायदे होंगे—
- शहर में जाम की समस्या से बड़ी राहत
- पटना रिंग रोड पर स्थित होने से अन्य जिलों और राज्यों के लिए सुगम कनेक्टिविटी
- अनुमानित तौर पर 5,000 से अधिक बसों का संचालन
आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियों और विकास को मिलेगा बढ़ावा
प्रशासन का मानना है कि नया बस टर्मिनल न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि पटना की यातायात व्यवस्था को भी अधिक सुव्यवस्थित बनाएगा।




