Monsoon Update: 12 दिनों तक अटकने के बाद अब बढ़ेगा मानसून, 40% कम बारिश से महाराष्ट्र में हाहाकार, यूपी-दिल्ली का क्या है हाल?
Monsoon Update: देश में मानसून की धीमी रफ्तार से चिंता बढ़ गई है। सोमाली जेट के कमजोर होने से 1 जून से 18 जून के बीच 40% कम बारिश दर्ज की गई है। जानिए दिल्ली, यूपी और मध्य भारत में कब बरसेंगे बादल।
Monsoon Update: नई दिल्ली. देश के सुदूर दक्षिणी छोर केरल में देरी से दस्तक देने के बाद अब मानसून की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया है। 1 जून की जगह 4 जून को आया मानसून शुरुआत में मध्य भारत तक ठीक-ठाक आगे बढ़ा, लेकिन इसके बाद यह अचानक ‘लापता’ हो गया। बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों को कवर करने के बाद मानसून की सुस्ती ने मौसम वैज्ञानिकों और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र समेत पूरा उत्तर भारत मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
सोमाली जेट ने बिगाड़ा मानसून का मूड, 12 दिनों से महाराष्ट्र में अटका सिस्टम
मौसम रिपोर्ट के मुताबिक, मानसून पिछले 12 दिनों से महाराष्ट्र और तेलंगाना के बॉर्डर पर अटका हुआ था। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार ‘सोमाली जेट’ (Somali Jet) के कमजोर विकास ने मानसून की रफ्तार को थाम दिया है।
क्या होता है सोमाली जेट?
सोमाली जेट (जिसे फाइंडलेटर जेट भी कहते हैं) एक भूमध्यरेखीय वायु प्रणाली है, जो हिंद महासागर में अफ्रीका के पूर्वी तट के पास बनती है। यह एक निम्न-स्तरीय वायु प्रवाह है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून को खींचकर भारत की ओर लाता है। इसके कमजोर पड़ने से भारतीय मानसून की रफ्तार धीमी हो जाती है।
इसके अलावा, इस साल अल नीनो (El Nino) का प्रभाव और बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव (Low Pressure) के क्षेत्रों का न बनना भी मानसून के कमजोर होने की बड़ी वजह है।
जून में 40 फीसदी कम बरसे बादल, पारा 40°C के पार
मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 18 जून के बीच देश में औसत से 40% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। आमतौर पर इस अवधि में 80.6 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस साल महज 48.5 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है। सबसे बुरा हाल मध्य भारत का है, जहां औसत से 63% कम पानी गिरा है।
बारिश की कमी के चलते उत्तर और मध्य भारत के कई शहरों में तापमान 40°C से ऊपर बना हुआ है:
- बांदा (UP): 44.2°C (देश में सबसे गर्म)
- प्रयागराज (UP): 43.6°C
- खजुराहो (MP): 42.4°C
- ब्रह्मपुरी (Maharashtra): 42.1°C
महाराष्ट्र में पानी के लिए हाहाकार, खरीफ फसलों पर संकट
मानसून की इस बेरुखी की वजह से महाराष्ट्र में स्थिति गंभीर हो गई है। पुणे में पानी की किल्लत को देखते हुए ‘ऑड-इवन फॉर्मूला’ लागू किया गया है। मुंबई में भीषण गर्मी से बेहाल लोग समुद्री तटों के किनारे खुले में रात बिताने को मजबूर हैं।
इसका सीधा असर खेती पर भी दिख रहा है। राज्य कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जून के मध्य तक महाराष्ट्र में केवल 1 प्रतिशत बुवाई पूरी हो पाई है, जिससे खरीफ की फसल संकट में नजर आ रही है।
राहत की खबर: 23 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंचेगा मानसून, चक्रवातीय घेरा सक्रिय
मौसम विभाग के मुताबिक, अब मानसून के दोबारा सक्रिय होने के लिए अनुकूल सिस्टम बन रहा है। मध्य भारत में एक चक्रवातीय घेरा (Cyclonic Circulation) सक्रिय हुआ है, जिससे मानसून के बादल उत्तर भारत की तरफ बढ़ सकते हैं। 23 जून तक मानसून के छत्तीसगढ़ पहुंचने की उम्मीद है।
- इन राज्यों में पहुंच चुका है मानसून: केरल, कर्नाटक, गोवा, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मणिपुर, त्रिपुरा, असम, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा।
- 20 जून से 5 जुलाई के बीच यहाँ होगी एंट्री: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान।
आगामी 2 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (21 और 22 जून)
| तारीख | राज्य/क्षेत्र | मौसम का हाल / चेतावनी |
| 21 जून | बिहार, झारखंड, ओडिशा, प. बंगाल | गरज-चमक के साथ बारिश, बिहार में 50-70 kmph की रफ्तार से हवाएं |
| असम, मेघालय, अरुणाचल, कर्नाटक | भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट | |
| एमपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान, विदर्भ | आंधी-तूफान के साथ बारिश (40-60 kmph हवाएं) | |
| 22 जून | सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम, मेघालय | भारी बारिश की चेतावनी जारी |
| राजस्थान, मध्य प्रदेश | तेज हवाओं (40-60 kmph) के साथ बौछारें | |
| तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र | मानसूनी बारिश का दौर जारी रहेगा |




