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LPG Rules Change: नया नियम लागू! PNG कनेक्शन लिया है तो 30 दिन में सरेंडर करना होगा LPG सिलेंडर

LPG Connection Surrender Rule: केंद्र सरकार के नए नियम के मुताबिक, जिन घरों में पीएनजी (PNG) कनेक्शन लग चुका है, उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी (LPG) सिलेंडर सरेंडर करना होगा। इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के ग्राहकों के लिए जरूरी खबर।

नई दिल्ली. रसोई गैस का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और कड़ा नियम लागू किया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन चालू हो चुका है, उन्हें अब 30 दिनों के भीतर अपना पुराना लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) कनेक्शन सरेंडर करना होगा। यह नया नियम इंडेन (Indane), भारत गैस (Bharat Gas) और एचपी गैस (HP Gas) के सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू होगा।

30 दिन की समय-सीमा: नियम तोड़ने पर बंद होगा अकाउंट

सरकार द्वारा जारी ‘LPG (सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन का नियमन) संशोधन आदेश’ के तहत उपभोक्ताओं को 30 दिन की डेडलाइन दी गई है।

  • उदाहरण के लिए: यदि आपके घर में 1 जून को पीएनजी कनेक्शन एक्टिवेट हुआ है, तो आपको हर हाल में 1 जुलाई तक अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
  • असर: तय समय-सीमा के भीतर ऐसा न करने पर उपभोक्ता की एलपीजी रिफिलिंग पर तुरंत रोक लगा दी जाएगी और गैस अकाउंट को ब्लॉक/बंद किया जा सकता है।

ट्रांसफर वाले कर्मचारियों और प्रवासियों को मिलेगा ‘ट्रांसफर वाउचर’

नौकरी, ट्रांसफर या पढ़ाई के सिलसिले में बार-बार शहर बदलने वाले लोगों (किरायेदारों और छात्रों) के लिए सरकार ने एक राहत भरा प्रावधान भी किया है: खास सुविधा: एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने पर ग्राहकों को एक ‘ट्रांसफर वाउचर’ (Transfer Voucher) दिया जाएगा। भविष्य में यदि वे किसी ऐसे शहर या इलाके में शिफ्ट होते हैं जहाँ PNG नेटवर्क नहीं है, तो इस वाउचर की मदद से उन्हें तुरंत नया एलपीजी कनेक्शन मिल जाएगा।

डेटाबेस की जांच शुरू, डिलीवरी के समय OTP हुआ अनिवार्य

गैस रिफिलिंग की कालाबाजारी को रोकने और सब्सिडी के दुरुपयोग को थामने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) अब सक्रिय हो गई हैं। कंपनियां अपने डेटाबेस की जांच कर रही हैं ताकि उन ग्राहकों की पहचान की जा सके जो एक ही समय में PNG और LPG दोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इसके साथ ही, सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए अब कमर्शियल और घरेलू डिलीवरी सिस्टम में OTP वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। अब डिलीवरी एजेंट के सिलेंडर सौंपने से पहले ग्राहकों को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया वन-टाइम पासवर्ड (OTP) बताना होगा।

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