मध्य प्रदेश

NEET UG 2026: इंदौर में कड़े नियमों से घबराए छात्र; उतरवाए कलावा और क्लचर, पेन-पेंसिल पर भी रोक!

इंदौर में NEET UG 2026 परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा के बेहद कड़े नियम देखने को मिले। चेकिंग के दौरान छात्राओं के क्लचर, कलावा और बाली तक उतरवाए गए। जानिए पूरा घटनाक्रम।

इंदौर. देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी 2026’ (NEET-UG 2026) के दौरान मध्य प्रदेश के इंदौर में सुरक्षा के बेहद कड़े और हैरान कर देने वाले इंतजाम देखने को मिले। परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से ही परीक्षार्थियों की भारी गहमागहमी शुरू हो गई थी। दोपहर डेढ़ बजे तक एंट्री दी जानी थी, लेकिन केंद्र के मुख्य गेट पर मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने नियमों का इतनी कड़ाई से पालन कराया कि छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक दंग रह गए।

पेन-पेंसिल तक पर पाबंदी, पारदर्शी बोतल के स्टिकर भी हटाए

इस बार परीक्षा हॉल के भीतर किसी भी तरह की स्टेशनरी ले जाने पर पूरी तरह रोक रही। गेट पर ही छात्रों के पेन और पेंसिल रखवा लिए गए और उन्हें आश्वस्त किया गया कि ये सामग्री अंदर ही मुहैया कराई जाएगी।

  • क्या ले जाने की थी अनुमति: परीक्षार्थियों को अपने साथ केवल एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) और पहचान पत्र ले जाने की इजाजत थी।
  • सख्त चेकिंग: सुरक्षा जांच के दौरान पानी की पारदर्शी बोतलों पर लगे ब्रांडिंग स्टिकर तक को हटवा दिया गया।

कलावा कटा, छात्राओं के बालों से क्लचर और पोनीटेल भी उतरवाए

चेकिंग के दौरान ड्रेस कोड और सुरक्षा नियमों का सबसे ज्यादा असर छात्र-छात्राओं के पहनावे और आस्था के प्रतीकों पर पड़ा:

  • कलावा और क्लचर: छात्रों के हाथों में बंधे पवित्र धार्मिक धागे (कलावा) को कैंची से कटवा दिया गया। वहीं, बालिकाओं के बालों में लगे क्लच और पोनीटेल तक को सुरक्षा कारणों से बाहर ही निकलवा दिया गया।
  • बाली पर फंसा पेंच: सानिया मनियार नाम की एक छात्रा के कान की बाली लाख कोशिशों के बाद भी नहीं निकली। काफी देर की मशक्कत और गहन तकनीकी जांच के बाद आखिरकार उसे उसी हाल में प्रवेश की अनुमति दी गई।

पुलिस की संवेदनशीलता और आधार कार्ड के लिए मची अफरा-तफरी

कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्र के बाहर कुछ भावुक और मददगार पल भी देखने को मिले: खाकी का मानवीय चेहरा: सेजल गुप्ता नाम की एक छात्रा गलती से अपना मोबाइल साथ ले आई थी और उसके साथ कोई परिजन नहीं था। गेट पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसका मोबाइल अपने पास सुरक्षित जमा कर लिया।

दूसरी ओर, एक छात्रा अपना पहचान पत्र लाना भूल गई, जिसके कारण उसे गेट पर ही रोक दिया गया। रोती हुई छात्रा को देख उसके माता-पिता तुरंत पास की दुकान से प्रिंट आउट निकलवाने के लिए दौड़े। परीक्षा शुरू होने से पहले का यह पूरा माहौल किसी मानसिक इम्तिहान से कम नहीं था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button