MP Teacher Transfer: शिक्षकों के तबादले में फंसा पेंच! 90% ई-अटेंडेंस की शर्त बनी बड़ी बाधा, पद भी हुए ‘रिजर्व’
MP Teacher Transfer Policy 2026: मध्य प्रदेश में शिक्षकों के स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। पोर्टल पर 90% ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता और पदों को 'रिजर्व' दिखाने से शिक्षक परेशान हैं।
भोपाल: स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मध्य प्रदेश में स्वैच्छिक स्थानांतरण (Voluntary Transfer) प्रक्रिया शुरू करने से पहले ही शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रदेश के हजारों शिक्षकों के सामने नई तकनीकी और नीतिगत परेशानियां खड़ी हो गई हैं। एक तरफ जहां ट्रांसफर पोर्टल पर शहरी क्षेत्रों के अधिकांश रिक्त पदों को अचानक ‘रिजर्व’ (सुरक्षित) दिखा दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ आवेदन के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस (e-Attendance) की अनिवार्य शर्त ने हजारों शिक्षकों को रेस से बाहर कर दिया है।
पोर्टल से गायब हुए खाली पद, पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल
शिक्षकों का आरोप है कि जो पद दो दिन पहले तक ऑनलाइन पोर्टल पर पूरी तरह खाली दिखाई दे रहे थे, वे अब अचानक गायब हो चुके हैं। विशेषकर शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में पदों को ‘रिजर्व’ श्रेणी में डाल दिया गया है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब तक आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक पदों को ब्लॉक या रिजर्व करना पूरी तरह अनुचित है। इस गड़बड़ी के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, पारिवारिक कारणों और वर्षों से एक ही जगह डटे शिक्षक अपनी पसंद के स्टेशनों का चयन नहीं कर पा रहे हैं।
90% ई-अटेंडेंस और जनगणना ड्यूटी वाले शिक्षकों के हक पर डाका?
तबादला नीति की शर्तों को लेकर प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और नियमों में तत्काल संशोधन की मांग की है:
अटेंडेंस की शर्त हटे: “90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए। कई तकनीकी दिक्कतों के कारण भी अटेंडेंस दर्ज नहीं हो पाती। यदि इस पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो प्रदेशभर के शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे।”
— उपेन्द्र कौशल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, शासकीय शिक्षक संगठन
जनगणना ड्यूटी वाले शिक्षकों को मिले मौका: “जनगणना कार्य में तैनात शिक्षकों को ट्रांसफर से वंचित करना सरासर अन्याय है। सरकार को यदि काम प्रभावित होने का डर है, तो वह ट्रांसफर ऑर्डर में यह शर्त जोड़ दे कि शिक्षक को जनगणना कार्य पूरा होने के बाद ही कार्यमुक्त (Relieve) किया जाएगा।”
— जगदीश यादव, प्रांताध्यक्ष, राज्य शिक्षक संघ




