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जीएसटी 2.0 से ग्रोथ बूस्ट: खरीदारी बढ़ी, अर्थव्यवस्था मजबूत—केंद्र

जीएसटी सुधारों से देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार। वाहन बिक्री और राजस्व में बढ़ोतरी, ई-वे बिल में उछाल और सरकार का संकेत—दीपावली तक मिल सकती है टैक्स में और राहत।

नई दिल्ली. पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने व्यापक सुधारों के जरिए एक आधुनिक, कुशल और नागरिक-हितैषी व्यवस्था खड़ी की है। इसके तहत 40,000 से अधिक अप्रासंगिक नियम हटाए गए और 1,500 से ज्यादा पुराने कानून निरस्त किए गए, जिससे कारोबार और निवेश के माहौल को सरल बनाया गया। 22 सितंबर से लागू जीएसटी दरों में बदलाव भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका उद्देश्य ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करना है।

दीपावली तक और राहत का संकेत

79वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि दीपावली तक नए जीएसटी सुधार लाए जाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि इन सुधारों से रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स कम होगा, जिससे आम लोगों पर कर बोझ घटेगा—इसे उन्होंने “दीपावली का तोहफा” बताया।

जीएसटी 2.0 का दिखने लगा असर

वित्त मंत्रालय के अनुसार, जीएसटी 2.0 के सकारात्मक संकेत अब जमीन पर दिखने लगे हैं। उपभोक्ता मांग में बढ़ोतरी हुई है, खासकर ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर में बिक्री तेज हुई है। इससे उपभोक्ताओं और कारोबारियों—दोनों का भरोसा बढ़ा है और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

वाहन बिक्री में मजबूत उछाल

नवंबर में यात्री वाहनों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। त्योहारों के बाद की मांग, जीएसटी दरों में कटौती और शादी के सीजन ने बिक्री को सहारा दिया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर में खुदरा बिक्री साल-दर-साल 22% बढ़ी, जबकि थोक बिक्री 19% उछलकर 4.1 लाख यूनिट तक पहुंच गई।

राज्यों की कमाई भी बढ़ी

जीएसटी दरों में बदलाव से राज्यों के राजस्व में भी इजाफा हुआ है। सितंबर से नवंबर के बीच राज्यों को मिलने वाला जीएसटी राजस्व पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 5% अधिक रहा।

राज्यसभा में सरकार का जवाब

हाल ही में संपन्न शीतकालीन सत्र के दौरान वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा को बताया कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 के सितंबर–नवंबर में जीएसटी संग्रह 2024-25 की इसी अवधि के 2,46,197 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,59,202 करोड़ रुपये हो गया।

ई-वे बिल और कुल संग्रह में तेजी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर–अक्टूबर 2025 में ई-वे बिल जनरेशन सालाना आधार पर 14.4% बढ़ा। वहीं, अप्रैल–अक्टूबर 2025 के बीच कुल जीएसटी संग्रह में 9% की वृद्धि दर्ज की गई—जो मजबूत खपत और बेहतर अनुपालन का संकेत है।

अगला लक्ष्य: कस्टम टैक्स सरलीकरण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, सरकार का अगला फोकस कस्टम टैक्स को सरल बनाना है, ताकि व्यापार को और सुगम किया जा सके और आर्थिक गतिविधियों को अतिरिक्त गति मिले।

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