SIR विवाद के बीच ज्ञानेश कुमार पर बढ़ा राजनीतिक दबाव, विपक्षी दलों ने महाभियोग की तैयारी तेज की
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा संसद में नए महाभियोग नोटिस की तैयारी की खबर सामने आई है। SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा संसद में नए महाभियोग नोटिस की तैयारी किए जाने का दावा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों से संपर्क किया है और अगले दो सप्ताह में नोटिस जमा किए जाने की बात कही गई है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी गई है।
SIR को लेकर पहले से उठ रहे सवाल
ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठाते रहे हैं। इसी बीच एक मीडिया रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े मुद्दों पर निर्वाचन आयुक्तों के बीच अलग-अलग राय सामने आने का दावा किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कुछ मुद्दों पर लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
चुनाव आयोग ने मतभेदों को बताया सामान्य प्रक्रिया
रिपोर्ट में सामने आए दावों पर चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग मत होना सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने यह भी कहा कि उसके फैसले स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप लिए जाते हैं। इस बयान के बाद विवाद को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
पहले भी दिया गया था महाभियोग नोटिस
प्रेस रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले 24 अप्रैल को राज्यसभा में 73 विपक्षी सांसदों ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए नोटिस दिया था। कांग्रेस की ओर से उस समय दावा किया गया था कि नोटिस में नौ प्रमुख आरोप शामिल थे। विपक्षी नेताओं के अनुसार, वह नोटिस अभी लंबित है। अब नए नोटिस में नए दावों को शामिल किए जाने की बात कही जा रही है।
14 लिखित आपत्तियों का दावा
एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराईं। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में SIR, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मतदाता सूची से नाम हटाने और वोटर डेटाबेस के केंद्रीकरण जैसे मुद्दे शामिल थे। इन दावों पर चुनाव आयोग की संस्थागत प्रक्रिया और निर्णयों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई।
विपक्षी दलों ने उठाई जांच की मांग
कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस ने उनके खिलाफ कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग उठाई। टीएमसी ने महाभियोग प्रस्ताव आगे बढ़ाने की बात कही, जबकि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की। CPI(M) और डीएमके की ओर से भी ज्ञानेश कुमार को हटाने तथा SIR पर रोक लगाने की मांग किए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है।




