मध्य प्रदेश में ईवीएम से एक साथ मतदान और वेबकास्टिंग पर विचार, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों की राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित
मध्य प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और मास्टर ट्रेनर्स की प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित किया। उन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों को अति संवेदनशील बताते हुए निष्पक्षता, तकनीक और वेबकास्टिंग के प्रयोग पर विशेष जोर दिया।
भोपाल. भोपाल में उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और मास्टर ट्रेनर्स की राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव अत्यंत संवेदनशील होते हैं और इसमें पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीक व सजगता आवश्यक है।
निर्वाचन प्रक्रियाओं में पूर्ण शुद्धता और सतर्कता की आवश्यकता
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित उप जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनर्स की राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में निर्वाचन कार्यों की बारीकियों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि चुनाव संचालन में बरती गई जरा सी भी असावधानी जन-विश्वास को ठेस पहुंचा सकती है। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान अपनी शंकाओं का समाधान करने और चुनावी प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु सुझाव देने के लिए प्रेरित किया।
स्थानीय निकाय चुनावों की संवेदनशीलता और तकनीक का समन्वय
आयुक्त ने रेखांकित किया कि आम चुनावों की तुलना में स्थानीय निकायों के चुनाव प्रशासनिक दृष्टिकोण से अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्होंने अधिकारियों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ मतदाताओं के भरोसे को कायम रखने का आह्वान किया। मतदान के दौरान ऐप के जरिए रियल-टाइम रिपोर्टिंग पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर तक आत्मविश्वास का संचार होना प्रशासनिक सफलता के लिए अनिवार्य है।
वेबकास्टिंग और एक साथ ईवीएम मतदान पर गहन विचार-विमर्श
चुनावी पारदर्शिता को नया आयाम देने के लिए आयोग द्वारा मतदान प्रक्रिया की लाइव वेबकास्टिंग कराने पर विचार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, ईव्हीएम के माध्यम से एक साथ मतदान संपन्न कराने के विकल्पों पर भी विमर्श चल रहा है। सहयोगात्मक संघवाद की मिसाल पेश करते हुए मध्य प्रदेश द्वारा त्रिपुरा, सिक्किम, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों को स्थानीय चुनावों के संचालन हेतु ईवीएम किराए पर उपलब्ध कराई गई हैं।
मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के नवीन प्रयोग
मध्य प्रदेश को स्थानीय निकायों में महिला आरक्षण और तकनीकी नवाचारों का अग्रदूत माना जाता है। आयोग के सचिव दिनेश श्रीवास्तव ने कार्यशाला के दौरान अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि निर्वाचन में किसी भी स्तर पर हुई त्रुटि क्षम्य नहीं होती, इसलिए प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग निरंतर नए प्रयोगों के माध्यम से चुनावी निष्पक्षता को सुदृढ़ कर रहा है।
विभिन्न तकनीकी एवं विधिक विषयों पर मास्टर ट्रेनर्स का सत्र
कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने अधिकारियों को चुनावी प्रबंधन के गुर सिखाए। मास्टर ट्रेनर पी.एन. सनेसर ने जिला निर्वाचन प्रबंधन योजना, समीरा नईम ने चुनाव परिणाम प्रक्रिया, डॉ. संजय गाड़गे ने ईवीएम रैंडमाइजेशन तथा डॉ. महेश अग्रवाल ने आईपी बीएमएस प्रणाली की जानकारी दी। वहीं विधिक सलाहकार डॉ. प्रदीप शुक्ला ने आदर्श आचरण संहिता और प्रत्याशी व्यय लेखा नियंत्रण के कानूनी पहलुओं से अवगत कराया।




