सीडब्ल्यूजी 2026 में सचिन सिवाच का स्वर्णिम पंच: 60 किग्रा बॉक्सिंग में जीता गोल्ड, नामीबियाई मुक्केबाज को दी शिकस्त
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज सचिन सिवाच ने पुरुषों की 60 किग्रा स्पर्धा में नामीबिया के ट्राईअगेन मोर्नी न्डेवेलो को हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज सचिन सिवाच ने पुरुषों के 60 किग्रा भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में उन्होंने नामीबिया के ट्राईअगेन मोर्नी न्डेवेलो को 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराया। मुक्केबाजी में भारत ने एक ही दिन में छह स्वर्ण सहित कुल आठ पदक हासिल किए, जिससे भारत पदक तालिका में 35 पदकों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
सचिन सिवाच ने कड़े मुकाबले में हासिल किया स्वर्ण पदक
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्th गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज सचिन सिवाच ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 60 किग्रा मुक्केबाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। फाइनल मुकाबले में उन्होंने नामीबिया के मुक्केबाज ट्राईअगेन मोर्नी न्डेवेलो को 3-2 के कड़े और करीबी स्प्लिट डिसीजन से पराजित किया। पूरे मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ी ने बेहतरीन रणनीतिक अनुशासन और धैर्य का परिचय दिया, जिसके बल पर तीन जजों ने उनके पक्ष में निर्णय सुनाया।
दबाव के क्षणों में भी सचिन ने बनाए रखा संयम
यह मुकाबला प्रतियोगिता के सबसे रोमांचक और कड़े मैचों में से एक साबित हुआ। तीनों राउंड के दौरान दोनों मुक्केबाजों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली और अंतिम घंटी बजने तक परिणाम काफी अनिश्चित बना हुआ था। इसके बावजूद सचिन ने विपरीत परिस्थितियों और दबाव के बीच अपने संयम को बनाए रखा और प्रतिद्वंद्वी के हर वार का माकूल जवाब देकर जजों का दिल जीत लिया।
मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा कायम
सचिन सिवाच की इस उपलब्धि ने राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत के वर्चस्व को एक बार फिर सिद्ध कर दिया है। मुक्केबाजी के एक ही दिन में भारतीय एथलीटों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल आठ पदक (छह स्वर्ण और दो रजत) अपने नाम किए। सचिन के अतिरिक्त अरुंधति, प्रिया, साक्षी, प्रीति और जैस्मिन ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए, जबकि लवलीना और जादुमणी सिंह को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचा भारत
मुक्केबाजी में मिली इस अभूतपूर्व सफलता और अन्य स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन के बल पर भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। पुरुषों के शॉट पुट एफ57 वर्ग में पहले दो स्थानों पर कब्जा जमाने और जूडो में कांस्य पदक मिलने के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। इनमें 11 स्वर्ण, 16 रजत और आठ कांस्य पदक शामिल हैं। भारतीय दल से आगे भी कुछ और पदक जीतने की मजबूत उम्मीदें बनी हुई हैं।




