गांवों तक इलाज की पहुंच, नियद नेल्लानार ने बदली 14 जिंदगियों की दिशा
सुकमा के नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, नियद नेल्लानार योजना के तहत 14 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन, जिला प्रशासन की सराहनीय पहल।

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के “सुशासन” और “अंत्योदय” के संकल्प को साकार करते हुए सुकमा जिले के दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में 14 मोतियाबिंद मरीजों का सफल उपचार कर उनके जीवन में नई रोशनी लाई गई है।
नियद नेल्लानार योजना से दूरस्थ गांवों तक पहुंची स्वास्थ्य सेवा
शासन की महत्वाकांक्षी “नियद नेल्लानार” (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर कोंटा विकासखंड के पहुंचविहीन गांव—मुकर्रम, पटेलपारा, सरपंचपारा और किस्टाराम—में मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों की पहचान की गई। चयनित 14 मरीजों को जिला प्रशासन द्वारा विशेष वाहन की व्यवस्था कर बेहतर उपचार के लिए जगदलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उनका सफल ऑपरेशन संपन्न हुआ।
जिला अस्पताल में विशेषज्ञों की निगरानी, नि:शुल्क भोजन व ठहराव
ऑपरेशन के बाद सभी मरीजों को आई असिस्टेंट की देखरेख में जगरगुंडा और किस्टाराम से सुरक्षित जिला अस्पताल सुकमा लाया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, मरीजों की रिकवरी और बेहतर फॉलो-अप के लिए उन्हें अगले चार दिनों तक विशेषज्ञों की निगरानी में रखा जाएगा। इस दौरान मरीजों के ठहरने और भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गई है।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की यह पहल दर्शाती है कि “नियद नेल्लानार” योजना के माध्यम से सरकारी योजनाएं अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि सुदूर वनांचलों के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं। उपचार से लाभान्वित मरीजों ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।




