छत्तीसगढ़

अप्रेंटिसशिप योजना से बड़ी कामयाबी, 83 हजार से ज्यादा युवाओं को मिला इंडस्ट्री ट्रेनिंग

उत्तर प्रदेश में अप्रेंटिसशिप को नई रफ्तार। 2025-26 में 83,277 युवाओं को उद्योगों और MSME में प्रशिक्षण, ‘सीखते हुए कमाएं’ मॉडल से रोजगार के अवसर।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास और रोजगारपरक प्रशिक्षण को नई रफ्तार देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने अप्रेंटिसशिप के क्षेत्र में मजबूत पहल की है। राज्य में संचालित अप्रेंटिसशिप योजनाओं के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को उद्योगों और MSME इकाइयों से जोड़ा जा रहा है, ताकि उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसर मिल सकें।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रेंटिसशिप योजना के तहत 83,277 युवाओं को उद्योगों और MSME इकाइयों में शिक्षुता प्रशिक्षण हेतु योजित किया गया है। इससे युवाओं को उत्पादन इकाइयों, सेवा क्षेत्र और लघु–मध्यम उद्योगों में काम सीखने का प्रत्यक्ष अवसर मिला है।

सिर्फ प्रमाण पत्र नहीं, व्यावहारिक अनुभव भी

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को कुशल मानव संसाधन का हब बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।

अप्रेंटिसशिप योजना के माध्यम से युवाओं को केवल प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि वास्तविक औद्योगिक अनुभव मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रशिक्षण के साथ-साथ युवाओं को उद्योगों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। नेशनल और मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजनाओं के तहत दी जा रही प्रतिपूर्ति से अधिष्ठानों की भागीदारी बढ़ी है और रोजगारपरक अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

प्रतिपूर्ति सुविधा से युवाओं और उद्योगों दोनों को लाभ

उत्तर प्रदेश में नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना के तहत अधिष्ठानों और अभ्यर्थियों को प्रतिपूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

इससे प्रशिक्षण अवधि के दौरान शिक्षुओं को आर्थिक सहयोग मिलता है, वहीं उद्योगों को प्रशिक्षुओं को रखने का प्रोत्साहन मिलता है। सरकार का मानना है कि यह मॉडल युवाओं और उद्योग—दोनों के लिए विन-विन साबित हो रहा है।

नियुक्ति की संभावनाएं कई गुना बढ़ीं

अप्रेंटिसशिप के दायरे को बढ़ाने के लिए सशक्त संस्थागत ढांचा तैयार किया गया है। पिछले चार वर्षों में 795 नए अधिष्ठान पोर्टल पर पंजीकृत किए गए हैं, जिससे जिलों में प्रशिक्षण के अवसर बढ़े और स्थानीय स्तर पर उद्योगों तक पहुंच आसान हुई।

इसके साथ ही CMAPS योजना के अंतर्गत 6,164 नए अभ्यर्थियों को लाभान्वित किया गया है। विभाग के अनुसार, इन योजनाओं से युवाओं को रोजगारपरक कौशल और औद्योगिक अनुभव मिल रहा है, जिससे नियुक्ति की संभावनाएं बढ़ी हैं।

प्रक्रियाएं सरल, परिणाम मजबूत

राज्य में कौशल विकास की इस सतत प्रक्रिया का बड़ा परिणाम यह है कि बीते लगभग नौ वर्षों में 4 लाख से अधिक प्रशिक्षु युवाओं को विभिन्न औद्योगिक संस्थानों में सेवायोजित किया गया है।

सरकार का लक्ष्य अप्रेंटिसशिप को बड़े पैमाने पर बढ़ाते हुए युवाओं को उद्योगों, स्टार्टअप्स और MSME सेक्टर से जोड़ना है। इसके लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण, ऑनलाइन पोर्टल का सुदृढ़ीकरण और उद्योगों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है। सरकार का मानना है कि कौशलयुक्त युवा न केवल अपने लिए अवसर बनाएंगे, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश माहौल को भी मजबूती देंगे।

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