बिज़नेस

बाजार का भविष्य उज्ज्वल: सेंसेक्स के लिए 95,000 का बड़ा प्रोजेक्शन

एमएस रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 95,000 तक पहुंच सकता है। मजबूत ग्रोथ, कम ब्याज दरें, सरकारी खर्च और बेहतर कमाई से बाजार में तेजी की संभावना।

मुंबई. भारत का शेयर बाजार आने वाले समय में निवेशकों को अच्छा-खासा मुनाफा दे सकता है। मजबूत आर्थिक स्थिति, स्थिर मैक्रो संकेतक, सही वैल्यूएशन और ग्रोथ साइकिल के सहारे बाजार में तेजी की संभावना जताई गई है। बुधवार को जारी Morgan Stanley की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2026 तक बीएसई सेंसेक्स 95,000 अंक तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट में इस स्तर तक पहुंचने की 50% संभावना बताई गई है, यानी मौजूदा स्तर से करीब 13% की बढ़त संभव है।

कमाई में मजबूती, निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा

रिपोर्ट के अनुसार, सेंसेक्स से जुड़ी कंपनियों की कमाई 2028 तक सालाना औसतन 17% की दर से बढ़ सकती है। इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा। खास बात यह है कि करीब पांच साल बाद पहली बार शेयरों की कीमतें ब्याज दरों की तुलना में ज्यादा आकर्षक नजर आ रही हैं, जिससे आगे और तेजी की गुंजाइश बनती है।

सरकारी अनुशासन और निजी निवेश से मिलेगा सपोर्ट

एमएस रिसर्च का मानना है कि सरकार खर्च पर नियंत्रण बनाए रखेगी, जबकि निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ेगा। इसके साथ ही देश की आर्थिक वृद्धि दर ब्याज दरों से बेहतर रहने की उम्मीद है—ये सभी फैक्टर बाजार के लिए सपोर्टिव हैं।

  • सेक्टर आउटलुक: FMCG-इंडस्ट्रियल्स आगे, फाइनेंशियल्स भी मजबूत
  • उपभोक्ता वस्तुएं (FMCG) और उद्योग: ~300 बेसिस प्वाइंट्स की अतिरिक्त तेजी
  • वित्तीय क्षेत्र: ~200 बेसिस प्वाइंट्स की संभावित बढ़त
  • तेजी के कारणों में शहरी मांग में सुधार, जीएसटी दरों में कटौती, सरकारी खर्च, कर्ज में बढ़ोतरी और कम एनपीए/कर्ज नुकसान शामिल हैं।

नीतिगत सपोर्ट से तरलता मजबूत

रिपोर्ट के मुताबिक, रेपो रेट में कटौती, कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में कमी, बैंकों के नियमों में ढील और बाजार में तरलता बढ़ाने जैसे कदम आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहे हैं। इसके अलावा, पहले से किया गया पूंजीगत व्यय, करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये की जीएसटी कटौती, चीन के साथ संबंधों में सुधार और वहां की नई नीतियां भी बाजार के लिए अनुकूल मानी गई हैं।

जोखिम भी हैं

हालांकि, रिपोर्ट आगाह करती है कि यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी पड़ती है या भूराजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो इसका नकारात्मक असर बाजार पर पड़ सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button