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2025 की विदाई पर कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट, सोना और चांदी धड़ाम

साल के आखिरी दिन रिकॉर्ड स्तरों के बाद सोना और चांदी में तेज गिरावट। एमसीएक्स पर सोना 0.35% और चांदी 4.13% फिसली। मुनाफावसूली और पोजिशन क्लोजिंग से दबाव, दीर्घकाल में चांदी को औद्योगिक मांग का सहारा।

नई दिल्ली. साल के आखिरी कारोबारी दिन बुधवार, 31 दिसंबर को कीमती धातुओं के बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ऑलटाइम हाई छूने के बाद सोना और चांदी—दोनों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमतों पर दबाव रहा, जिससे निवेशकों की नजरें आगे की चाल पर टिक गई हैं।

एमसीएक्स पर सोना-चांदी फिसले

एमसीएक्स पर सोने की कीमत 0.35 फीसदी टूटकर ₹1,35,962 प्रति 10 ग्राम पर आ गई। वहीं, चांदी में इससे भी बड़ी गिरावट देखने को मिली और इसका भाव 4.13 फीसदी गिरकर ₹2,40,650 प्रति किलोग्राम रह गया।

मुनाफावसूली और पोजिशन क्लोजिंग का असर

बाजार जानकारों के मुताबिक, रिकॉर्ड स्तरों के बाद मुनाफावसूली और साल के अंत में पोजिशन क्लोजिंग के चलते कीमतों पर दबाव बढ़ा। इससे पहले मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी ₹1,000 की उछाल के साथ ₹2.41 लाख प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड पर पहुंची थी।

सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट

सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव ₹2,800 घटकर ₹1,39,000 प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर आ गया, जबकि सोमवार को यह ₹1,41,800 प्रति 10 ग्राम था।

आगे का आउटलुक: चांदी को दीर्घकाल में समर्थन

विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में भले ही चांदी में उतार-चढ़ाव बना रहे, लेकिन दीर्घकाल में इसे मजबूत औद्योगिक मांग का समर्थन मिल सकता है। खासकर सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती खपत और आपूर्ति से जुड़ी संरचनात्मक चुनौतियां चांदी की कीमतों के लिए सहायक साबित हो सकती हैं।

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