दावोस में भारत का दबदबा: विकासशील से स्थापित शक्ति बनने की घोषणा
ब्लैकस्टोन प्रमुख स्टीफन श्वार्जमैन का बड़ा बयान—भारत अब इमर्जिंग नहीं, स्थापित आर्थिक ताकत। शेयर बाजार, AI और भारत में निवेश विस्तार पर उनका नजरिया।

नई दिल्ली. ब्लैकस्टोन के चेयरमैन और सीईओ स्टीफन श्वार्जमैन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बदलती भूमिका को स्पष्ट शब्दों में रेखांकित किया है। 1.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक संपत्ति का प्रबंधन करने वाली इस वैश्विक निवेश कंपनी के प्रमुख का कहना है कि भारत अब पारंपरिक अर्थों में “इमर्जिंग मार्केट” नहीं रहा—वह उभर चुका है और दीर्घकाल में वैश्विक निवेश का मजबूत केंद्र बना रहेगा।
शेयर बाजार पर दीर्घकालिक भरोसा
हाल के महीनों में भारतीय शेयर बाजारों से विदेशी निवेशकों की निकासी पर श्वार्जमैन ने संतुलित दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार स्वभाव से भावुक और अप्रत्याशित होते हैं।
उनके मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में भारतीय बाजार का प्रदर्शन असाधारण रहा है। किसी अवधि में बाजार का “कम फैशनेबल” होना या कीमतों में गिरावट अल्पकालिक घटना है, जबकि लंबी अवधि में भारत एक ‘बुल मार्केट’ बना रहेगा।
विकास की अपार संभावनाएं
भारत की विकास क्षमता को आंकड़ों के जरिए समझाते हुए श्वार्जमैन ने बताया कि:
- भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी ~3,000 डॉलर
- चीन की ~13,000 डॉलर
अमेरिका की 70,000 डॉलर से अधिक
उनका कहना है कि भारत के सामने विकास का लंबा रास्ता है—स्थिर सरकार, पूंजी की आवश्यकता, जीवन स्तर सुधार की व्यापक गुंजाइश और मेहनती व प्रतिभाशाली जनसंख्या—ये सभी तत्व भारत के उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार हैं।
AI: 10 साल में बदलेगी दुनिया
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बात करते हुए 78 वर्षीय श्वार्जमैन ने इसे बिजली और स्टीम इंजन जैसी ऐतिहासिक क्रांतियों के समकक्ष बताया। उनके अनुसार, जहां पिछली तकनीकी क्रांतियों को वैश्विक प्रभाव डालने में दशकों लगे, वहीं AI महज 10 वर्षों में दुनिया की कार्यप्रणाली बदल देगा।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान में AI को लेकर कुछ अतिशयोक्ति और कम पूंजी वाली कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन दिख रहे हैं, लेकिन 1999 या 2007 जैसी बड़े स्तर की बाजार उन्माद की आशंका से उन्होंने इनकार किया।
भारत में ब्लैकस्टोन का विस्तार
ब्लैकस्टोन आज भारत में रियल एस्टेट और प्राइवेट इक्विटी में सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में शामिल है। श्वार्जमैन ने संकेत दिया कि कंपनी इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्राइवेट क्रेडिट क्षेत्रों में भी अपने निवेश का विस्तार करने की तैयारी कर रही है—जो भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के अनुरूप है।
इंटरव्यू का भावुक पल
इंटरव्यू के दौरान एक मानवीय क्षण तब सामने आया, जब श्वार्जमैन ने पत्नी का फोन रिसीव करने के लिए विराम लिया। उन्हें सूचना मिली कि उनके बेटे और फिल्म निर्माता टेडी श्वार्जमैन की फिल्म ‘ट्रेन ड्रीम्स’ को एकेडमी अवार्ड्स (98वें ऑस्कर) के लिए नामांकन मिला है। यह खबर सुनते ही उन्होंने खुशी जाहिर की।




