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मेडिसिन में ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू—स्पेस स्टेशन पर खोजा गया कैंसर ट्रीटमेंट, समय 98% कम

ISS Research Breakthrough: नासा और मर्क की स्पेस रिसर्च से कैंसर की दवा का नया इंजेक्शन तैयार। FDA की मंजूरी के बाद 2 घंटे की ड्रिप की जगह 2 मिनट का इंजेक्शन।

नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर की गई वैज्ञानिक रिसर्च ने कैंसर इलाज के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नासा और दवा कंपनी मर्क की साझा स्टडी से कैंसर की एक प्रमुख दवा का नया और आसान इंजेक्शन रूप विकसित हुआ है।

इस नए इलाज को अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने सितंबर 2025 में मंजूरी दे दी है। अब मरीजों को 1–2 घंटे तक चलने वाली इन्फ्यूजन की बजाय सिर्फ 1–2 मिनट का इंजेक्शन लगवाना होगा। इससे इलाज न सिर्फ तेज होगा, बल्कि खर्च और अस्पताल में लगने वाला समय भी कम होगा।

क्या है यह नया इलाज?

यह नया इलाज मर्क की मशहूर इम्यूनोथेरेपी दवा पेम्ब्रोलिजुमाब (Pembrolizumab) का सबक्यूटेनियस (त्वचा के नीचे लगने वाला) इंजेक्शन है। यह दवा मेलानोमा, फेफड़ों के कैंसर समेत कई प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल की जाती है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में सक्षम बनाती है।

पहले कैसे दिया जाता था इलाज?

अब तक मरीजों को—

  • अस्पताल या क्लिनिक जाना पड़ता था
  • नस में IV इन्फ्यूजन (ड्रिप) से दवा दी जाती थी
  • प्रक्रिया में 1–2 घंटे लगते थे
  • बाद में समय घटाकर लगभग 30 मिनट किया गया

अब क्या बदला?

नई तकनीक के बाद—

  • त्वचा के नीचे सिर्फ एक इंजेक्शन
  • लगाने में 1–2 मिनट
  • हर तीन हफ्ते में एक बार
  • मरीज का समय बचेगा, खर्च घटेगा और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी

स्पेस स्टेशन की रिसर्च ने कैसे बदला इलाज?

ISS पर गुरुत्वाकर्षण बहुत कम होता है, जिसे माइक्रोग्रेविटी कहा जाता है। पृथ्वी पर ग्रेविटी के कारण दवा के प्रोटीन क्रिस्टल छोटे और असमान बनते हैं, लेकिन अंतरिक्ष में—

  • क्रिस्टल बड़े, एकसमान और उच्च गुणवत्ता के बनते हैं
  • वैज्ञानिक दवा के अणुओं की संरचना को बेहतर समझ पाते हैं

मर्क कंपनी 2014 से ISS पर प्रयोग कर रही है। स्पेस में उगाए गए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी क्रिस्टल से यह स्पष्ट हुआ कि दवा के कणों का सबसे सही आकार क्या होना चाहिए, ताकि वे आसानी से घुलकर इंजेक्शन के रूप में दिए जा सकें।

ISS नेशनल लैब और नासा की भूमिका

यह रिसर्च ISS नेशनल लेबोरेटरी के सहयोग से हुई। नासा ने स्पेस स्टेशन को निजी कंपनियों और वैज्ञानिकों के लिए खोल रखा है, ताकि माइक्रोग्रेविटी का उपयोग कर नई दवाएं और तकनीकें विकसित की जा सकें।

स्पेस रिसर्च के धरती पर फायदे

  • दवाओं का विकास तेज और बेहतर
  • कैंसर जैसे जटिल रोगों का इलाज आसान
  • चंद्रमा और मंगल जैसे लंबे स्पेस मिशन की तैयारी

कॉमर्शियल स्पेस इकोनॉमी को बढ़ावा

नासा का कहना है कि स्पेस स्टेशन पर किया गया काम सिर्फ अंतरिक्ष यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि धरती पर लाखों लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में मदद करता है। कैंसर मरीजों के लिए यह नया इंजेक्शन एक नई उम्मीद बनकर सामने आया है।

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