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सीमा पार साईं भक्ति—वेनेजुएला की नई राष्ट्रपति और भारत का खास रिश्ता

वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रिग्ज ने अंतरिम राष्ट्रपति पद की शपथ ली। राजनीतिक संकट के बीच दोनों नेताओं का सत्य साईं बाबा से जुड़ा आध्यात्मिक संबंध भी चर्चा में है।

वाशिंगटन. अमेरिकी सेना द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने के बाद वेनेजुएला में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। मादुरो सरकार में उपराष्ट्रपति रहीं डेल्सी रोड्रिग्ज ने देश की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। उन्हें उनके भाई और नेशनल असेंबली के नेता जॉर्ज रोड्रिग्ज ने शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण के दौरान डेल्सी रोड्रिग्ज ने दाहिना हाथ उठाकर कहा, “मैं हमारी मातृभूमि के खिलाफ नाजायज सैन्य आक्रमण के बाद वेनेजुएला के लोगों को हुई पीड़ा के दुख के साथ आई हूं। मैं दो नायकों के अपहरण के दुख के साथ आई हूं।”

मादुरो और डेल्सी रोड्रिग्ज का भारत से आध्यात्मिक रिश्ता

इस राजनीतिक संकट के बीच एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है कि अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और वर्तमान अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज—दोनों ही भारतीय आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा के भक्त रहे हैं।

मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस लंबे समय से साईं बाबा के अनुयायी रहे हैं। वर्ष 2005 में उन्होंने आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्ती स्थित प्रशान्ति निलयम आश्रम का दौरा कर साईं बाबा से निजी मुलाकात की थी। मादुरो के कार्यालय में साईं बाबा की तस्वीर साइमन बोलिवार और ह्यूगो शावेज जैसे नेताओं के चित्रों के साथ लगी रहती थी। 2025 में साईं बाबा की जन्म शताब्दी पर मादुरो ने उन्हें “प्रकाश का प्राणी” बताते हुए श्रद्धांजलि दी थी।

डेल्सी रोड्रिग्ज की प्रशान्ति निलयम यात्राएं

डेल्सी रोड्रिग्ज भी सत्य साईं बाबा की भक्त हैं। उपराष्ट्रपति रहते हुए उन्होंने अगस्त 2023 और अक्टूबर 2024 में प्रशान्ति निलयम का दौरा किया और समाधि मंदिर में श्रद्धा सुमन अर्पित किए। अक्टूबर 2024 की यात्रा के दौरान वे भारत के आधिकारिक दौरे पर थीं और नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात के बाद पुट्टपर्ती पहुंची थीं।

श्री सत्य साईं सेंट्रल ट्रस्ट के अनुसार, ये यात्राएं व्यक्तिगत थीं और रोड्रिग्ज ने आश्रम में शांति और दिव्यता के अनुभव की बात कही थी। वेनेजुएला में साईं बाबा के अनुयायियों की बड़ी संख्या है और इन नेताओं के कारण संगठन को विशेष संरक्षण मिला।

अमेरिका को संदेश देने की कोशिश में वेनेजुएला सरकार

वेनेजुएला सरकार ने सोमवार को अपने नागरिकों और दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश की कि देश स्वतंत्र रूप से संचालित हो रहा है और अमेरिका द्वारा नियंत्रित नहीं है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े सांसद, जिनमें मादुरो का बेटा भी शामिल है, राजधानी काराकास में नेशनल असेंबली के पूर्व निर्धारित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए, जिसका कार्यकाल 2031 तक रहेगा।

मादुरो के बेटे का बयान, वैश्विक खतरे की चेतावनी

मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो ग्वेरा ने पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया में कहा, “अगर किसी राष्ट्राध्यक्ष के अपहरण को सामान्य मान लिया गया, तो कोई भी देश सुरक्षित नहीं रहेगा। आज वेनेजुएला है, कल कोई और देश हो सकता है जो झुकने से इनकार करता है।”

उन्होंने इसे वैश्विक राजनीतिक स्थिरता के लिए सीधा खतरा बताया। वेनेजुएला के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में 30 दिनों के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। हालांकि अमेरिकी दखल और आंतरिक अस्थिरता के बीच हालात अनिश्चित बने हुए हैं। काराकास में तनावपूर्ण शांति है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है।

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