उत्तर प्रदेश

इको टूरिज्म को नई उड़ान: लखनऊ से दुधवा–कतर्नियाघाट–गौरीफंटा तक बस सेवा चालू

दुधवा नेशनल पार्क में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ से चलने वाली एसी 2x2 बस सेवा अब गौरीफंटा तक विस्तारित। नए समय, किराया और वन्यजीव पर्यटन से जुड़ी पूरी जानकारी।

लखनऊ. दुधवा नेशनल पार्क और आसपास के क्षेत्रों में प्रकृति-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ के कैसरबाग बस अड्डे से संचालित विशेष एसी 2×2 बस सेवा का विस्तार कर दिया गया है। अब यह बस सेवा दुधवा से आगे अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित गौरीफंटा तक चलेगी। पहले यह सेवा केवल दुधवा तक सीमित थी, जिसे मुख्य रूप से प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए शुरू किया गया था।

पर्यटकों की मांग पर बढ़ाई गई कनेक्टिविटी

पर्यटकों की बढ़ती संख्या और बेहतर आवागमन की आवश्यकता को देखते हुए बस सेवा का विस्तार किया गया है। नई व्यवस्था के तहत बस सुबह 8:00 बजे कैसरबाग से रवाना होकर दोपहर 2:00 बजे गौरीफंटा पहुंचेगी।

वापसी में बस 2:30 बजे गौरीफंटा से चलकर 3:00 बजे दुधवा पहुंचेगी और फिर 3:30 बजे दुधवा से लखनऊ के लिए रवाना होकर रात 9:00 बजे कैसरबाग पहुंचेगी।

किराया और सुविधा

नई व्यवस्था के अनुसार, लखनऊ से दुधवा तक का किराया 487 रुपये और लखनऊ से गौरीफंटा तक का किराया 536 रुपये निर्धारित किया गया है। इस सेवा से दुधवा, कतर्नियाघाट और गौरीफंटा के जंगलों में आने वाले प्रकृति प्रेमियों को आरामदायक और सीधी सुविधा मिलेगी।

मंत्री जयवीर सिंह का बयान

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बस सेवा के विस्तार से अब पर्यटक न केवल दुधवा के जंगल और दलदली क्षेत्रों को देख सकेंगे, बल्कि दुधवा से लगभग 20 किलोमीटर आगे स्थित गौरीफंटा और उससे जुड़े प्राकृतिक इलाकों का अनुभव भी ले पाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सुविधा प्रकृति प्रेमियों, शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी।

दुधवा–कतर्नियाघाट: वन्यजीव प्रेमियों का पसंदीदा गंतव्य

दुधवा नेशनल पार्क बाघ, एक सींग वाला गैंडा, हाथी, बारहसिंघा, घड़ियाल और 450 से अधिक पक्षी प्रजातियों का सुरक्षित घर माना जाता है। यहां के घने साल के जंगल, विस्तृत घास के मैदान और दलदली ज़ोन इसे देश के सबसे समृद्ध प्राकृतिक आवासों में शामिल करते हैं।

दुधवा रिज़र्व का ही हिस्सा कतर्नियाघाट वाइल्डलाइफ सेंचुरी अपनी अनोखी पारिस्थितिकी, नदियों, दलदली क्षेत्रों और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां हाथी, बाघ, तेंदुए, दुर्लभ पक्षी और अन्य वन्यजीवों को देखने का अवसर पर्यटकों को आकर्षित करता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button