हॉर्नबिल महोत्सव हमारी विविधता और विरासत की जीवंत झलक: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नागालैंड के प्रसिद्ध हॉर्नबिल महोत्सव की सराहना करते हुए इसे भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और जनजातीय विरासत की चिरस्थायी जीवंतता का सशक्त प्रतीक बताया है।
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नागालैंड के प्रसिद्ध हॉर्नबिल महोत्सव की सराहना करते हुए इसे भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और जनजातीय विरासत की चिरस्थायी जीवंतता का सशक्त प्रतीक बताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूर्वोत्तर भारत एक नए, आत्मविश्वासी भारत का चेहरा प्रस्तुत कर रहा है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया का लेख किया साझा
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा एक अंग्रेजी अखबार में लिखे गए लेख को साझा किया। यह लेख नागालैंड के हॉर्नबिल महोत्सव और उसमें झलकती पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विविधता पर केंद्रित है। पीएम मोदी ने लेख की प्रशंसा करते हुए इसे भारत की जनजातीय विरासत का शक्तिशाली प्रतिबिंब बताया।
‘नागालैंड स्वयं में एक उत्सव’
नागालैंड की अनूठी सांस्कृतिक पहचान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राज्य केवल एक महोत्सव की मेज़बानी नहीं करता, बल्कि स्वयं में ही एक उत्सव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नागालैंड अपने ‘त्योहारों की भूमि’ के गौरवशाली नाम को पूरी तरह सार्थक करता है।
परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत समन्वय
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि नागालैंड का हॉर्नबिल महोत्सव मानवीय भावना के विविध रंगों और प्राचीन परंपराओं व आधुनिकता के अद्भुत समन्वय को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “जब हमारा पूर्वोत्तर प्रकाशमान होगा, तभी समूचा राष्ट्र उन्नति की ऊंचाइयों को छूएगा।”
‘त्योहारों का त्योहार’ है हॉर्नबिल महोत्सव
उल्लेखनीय है कि नागालैंड की समृद्ध संस्कृति और जीवनशैली को प्रस्तुत करने वाला हॉर्नबिल महोत्सव राज्य की लड़ाकू जनजातियों का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। इसे ‘त्योहारों का त्योहार’ भी कहा जाता है। यह महोत्सव हर वर्ष 1 से 10 दिसंबर तक, यानी दिसंबर माह के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाता है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक और कला-संस्कृति प्रेमी शामिल होते हैं।




