संसद में राहुल गांधी का सीधा हमला—“समानता से RSS को है दिक्कत”
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को संसद में अपने भाषण के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर जोरदार निशाना साधा।

नई दिल्ली. लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को संसद में अपने भाषण के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर जोरदार निशाना साधा। राहुल ने कहा कि भारत का मूल विचार है कि “संघ के हर धागे, हर व्यक्ति की बराबरी हो”, लेकिन RSS की विचारधारा इस सिद्धांत से परेशान होती है।
उन्होंने कहा— “वे देश का ताना-बाना देखकर खुश हैं, लेकिन यह बर्दाश्त नहीं कर सकते कि हर इंसान—चाहे धर्म, समुदाय या भाषा कोई भी हो—बराबर हो। वे बराबरी में नहीं, हायरार्की में विश्वास करते हैं। और उनका मानना है कि उन्हें इस हायरार्की में सबसे ऊपर होना चाहिए।”
“गांधीजी की हत्या के बाद RSS का अगला लक्ष्य था संस्थानों पर कब्जा”
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में नाथूराम गोडसे द्वारा महात्मा गांधी की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा— “30 जनवरी 1948 को तीन गोलियों ने हमारे राष्ट्रपिता को मार दिया। आज हमारा दोस्त (सरकार) गोडसे को गले नहीं लगाता, बल्कि उससे दूरी बनाता है—यह एक अजीब सच है। लेकिन प्रोजेक्ट यहीं खत्म नहीं हुआ।”
उन्होंने कहा कि— “चूंकि देश के हर संस्थान की शक्ति वोट से आती है, इसलिए RSS का लक्ष्य रहा कि वह उन सभी संस्थानों पर कब्जा करे। गांधीजी की हत्या के बाद प्रोजेक्ट का अगला कदम भारत के संस्थागत ढांचे पर पूरी तरह नियंत्रण था।”
राहुल गांधी का सवाल: “गांधीजी ने खादी पर ही जोर क्यों दिया?”
राहुल ने आगे कहा कि खादी सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि भारत के लोगों की कल्पना, ऊर्जा और अस्मिता का प्रतीक है। उन्होंने कहा— “महात्मा गांधी ने खादी को सिर्फ इसलिए नहीं अपनाया कि वह सरल है, बल्कि इसलिए कि यह भारत की विविधता, एकता और उत्पादक शक्ति का प्रतीक है। खादी एक भावना है, एक अभिव्यक्ति है।”
“भारत एक कपड़ा है—1.4 अरब धागों से बुना, जिसे वोट बुनता है”
राहुल गांधी ने कपड़ों की विविधता का उदाहरण देते हुए कहा—
- हिमाचली टोपी
- असमिया गमचा
- बनारसी साड़ी
- कांचीपुरम सिल्क
- नागा जैकेट
देश के हर राज्य का कपड़ा लोगों की पहचान और संस्कृति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा— “एक धागा दूसरे से बेहतर नहीं होता। धागे अकेले आपकी रक्षा नहीं कर सकते, आपको गर्म नहीं रख सकते। लेकिन जब ये धागे एक कपड़ा बनते हैं, तो आपको सुरक्षा देते हैं और आपकी पहचान बताते हैं। इसी तरह हमारा देश 1.4 बिलियन लोगों से मिलकर बना एक कपड़ा है—और यह कपड़ा वोट से बुना जाता है।”




