न्यूयॉर्क की महिला पर भारतीयों की स्मगलिंग का बड़ा आरोप, कनाडा–अमेरिका बॉर्डर से कराती थी अवैध एंट्री
अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य के उत्तरी हिस्से में रहने वाली 42 वर्षीय स्टेसी टेलर पर अंतरराष्ट्रीय ह्यूमन स्मगलिंग नेटवर्क का हिस्सा होने और भारतीय नागरिकों को अवैध रूप से कनाडा–अमेरिका सीमा पार कराने का गंभीर आरोप लगा है।

वाशिंगटन. अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य के उत्तरी हिस्से में रहने वाली 42 वर्षीय स्टेसी टेलर पर अंतरराष्ट्रीय ह्यूमन स्मगलिंग नेटवर्क का हिस्सा होने और भारतीय नागरिकों को अवैध रूप से कनाडा–अमेरिका सीमा पार कराने का गंभीर आरोप लगा है। अमेरिकी जांच एजेंसियों का दावा है कि यह गिरोह इस साल कई बार भारतीय नागरिकों को गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में दाखिल कराने में सक्रिय रहा।
स्टेसी टेलर को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। इससे पहले 2 अक्टूबर को अल्बानी की एक संघीय जूरी ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। उन पर साजिश के तहत अवैध रूप से लोगों को सीमा पार कराने का एक आरोप, और लाभ कमाने के उद्देश्य से मानव तस्करी के चार गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इनमें से तीन आरोप दोहराए गए अपराध की श्रेणी में आते हैं। दोषी पाए जाने पर उन्हें हर तस्करी के लिए कम से कम 5 साल की सजा और बार-बार अपराध करने पर अतिरिक्त सजा भी हो सकती है।
कार में मिले तीन भारतीय नागरिक, तस्करी का खुलासा
अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, 20 जनवरी को तड़के सीमा सुरक्षा अधिकारियों ने न्यूयॉर्क के चुरूबस्को इलाके के पास टेलर की कार रोकी थी। कार में चार विदेशी नागरिक मिले, जिनमें तीन भारतीय और एक कनाडाई नागरिक शामिल था। जांच में सामने आया कि सभी लोग बिना कानूनी जांच-पड़ताल के यूएस–कनाडा बॉर्डर पार कर अमेरिका में दाखिल किए गए थे।
मोबाइल चैट से मिला नेटवर्क का सबूत
स्टेसी टेलर के मोबाइल फोन की जांच में कई आपत्तिजनक टेक्स्ट मैसेज मिले हैं, जिनसे संकेत मिला कि वह पहले भी ऐसे कई मामलों में शामिल रही हैं। अधिकारियों के अनुसार— जनवरी में पकड़े जाने के बाद भी अगस्त 2025 में वह एक और संदिग्ध तस्करी मामले में रोकी गईं, और सितंबर 2025 में भी उनका नाम इसी तरह की गतिविधियों में सामने आया।
अमेरिकी न्याय विभाग का बड़ा खुलासा
इन आरोपों की पुष्टि अमेरिकी न्याय विभाग (Justice Department) के क्रिमिनल डिवीजन के कार्यवाहक असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल मैथ्यू आर. गैलेओटी और न्यूयॉर्क के नॉर्थर्न डिस्ट्रिक्ट के यूएस अटॉर्नी जॉन ए. सरकोन III ने की है।
US–कनाडा बॉर्डर पर बढ़ रही भारतीयों की अवैध एंट्री
पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका–कनाडा की उत्तरी सीमा पर अवैध घुसपैठ के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिनमें बड़ी संख्या भारत से आने वाले प्रवासियों से जुड़ी रही है।
अब तस्कर गिरोह दूर-दराज़, बर्फीले और दुर्गम इलाकों का इस्तेमाल कर लोगों को अमेरिका में दाखिल कराने की कोशिश कर रहे हैं।
2022 के बाद से इस सीमा पर अवैध प्रवेश लगातार बढ़ा है, जिसके चलते दोनों देशों के बीच गश्त और आपसी सहयोग और अधिक सख्त कर दिया गया है।




