बालाघाट में महिला सरपंच पर जानलेवा हमला: अतिक्रमण हटाने पर ईंट-लाठियों से पीटा; 5 आरोपी हिरासत में
मध्य प्रदेश के बालाघाट में ग्राम चिनी बर्राटोला की महिला सरपंच प्रमिला उइके पर अतिक्रमण हटाने को लेकर दबंगों ने ईंट-लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने 5 आरोपियों को हिरासत में लिया है।

बालाघाट/परसवाड़ा: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटवाना एक महिला सरपंच को भारी पड़ गया। परसवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम चिनी बर्राटोला में इस कार्रवाई से बौखलाए अतिक्रमणकारियों ने महिला सरपंच प्रमिला उइके पर ईंट और लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में सरपंच समेत चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपियों सहित 5 लोगों को हिरासत में ले लिया है।
सड़क निर्माण के बाद फिर गड्ढा खोद रहे थे अतिक्रमणकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा चिनी बर्राटोला निवासी व्यासमून तिवारी द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाकर वहां पक्की सड़क का निर्माण कराया गया था। इस कार्रवाई से नाराज अतिक्रमणकारी अगले ही दिन शनिवार शाम को नवनिर्मित सड़क पर दोबारा गड्ढा खोदकर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। जब इसकी सूचना मिलने पर सरपंच प्रमिला उइके वहां पहुंचीं और उन्हें समझाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उन पर हमला बोल दिया।
बीच-बचाव करने आई महिलाओं को भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने आव देखा न ताव और महिला सरपंच पर ईंट व जलती लकड़ियों से वार करना शुरू कर दिया। इस दौरान जब गांव की अन्य महिलाएं सरपंच को बचाने के लिए आगे आईं, तो आरोपियों ने उन्हें भी बेरहमी से पीटा। हमले में सरपंच के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसवाड़ा में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार: परसवाड़ा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए व्यासमून तिवारी, वेदमून तिवारी, कौशल्या बाई तिवारी, दुर्गा बाई तिवारी और लक्ष्मीपति पांडे को हिरासत में ले लिया है।
थाने के बाहर डटे रहे ग्रामीण; सरपंच संघ ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
इस बर्बरतापूर्ण घटना से पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। शनिवार देर रात सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण परसवाड़ा थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई की मांग को लेकर डटे रहे। घटना की निंदा करते हुए सरपंच संघ ने प्रशासन को दोटूक चेतावनी दी है।
सरपंच संघ (बालाघाट) के उपाध्यक्ष कपूरचंद वरकड़े ने कहा: “एक जनप्रतिनिधि और वह भी महिला सरपंच पर इस तरह का जानलेवा हमला बेहद निंदनीय है। अगर पुलिस और प्रशासन ने आरोपियों पर न्यायोचित और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की, तो पूरा जिला सरपंच संघ उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा।”




