योग दिवस पर छत्तीसगढ़ में गूंज: ‘कुरुक्षेत्र की रणभूमि से हुआ था योग का पहला परिचय, इसे जीवन का हिस्सा बनाएं’
छत्तीसगढ़ के सरिया में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने योग को भारतीय संस्कृति की आत्मा और समग्र विकास का विज्ञान बताया।

रायपुर: छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के अंतर्गत नगर पंचायत सरिया में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह बेहद उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। सामूहिक योगाभ्यास के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की आत्मा और राष्ट्र निर्माण का मुख्य आधार बताया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से योग को केवल एक दिन का आयोजन न मानकर दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कुरुक्षेत्र की रणभूमि और श्रीकृष्ण के गीता उपदेश से जुड़ा है योग
मुख्य अतिथि डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने संबोधन में योग के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग का पहला परिचय धर्म की रक्षा के लिए कुरुक्षेत्र की रणभूमि में ही हुआ था, जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए सांख्य योग के माध्यम से अधर्मी शक्तियों से लड़ने का मार्ग दिखाया था। उन्होंने आगे कहा कि आज योग को जो वैश्विक पहचान मिली है, उसके पीछे एक योग-धर्मी का त्याग, समर्पण और सेवा भाव छिपा है।
योग सिर्फ कसरत नहीं, तन और मन को जोड़ने वाला विज्ञान है
पिछले एक दशक में योग के प्रति दुनिया के नजरिए में आए बदलाव को रेखांकित करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा:
- समग्र विकास का माध्यम: पिछले 12 वर्षों में योग की परिभाषा पूरी तरह बदल चुकी है। यह अब केवल शारीरिक कसरत या पीटी (PT) तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह तन और मन के बीच सेतु बनकर व्यक्ति का समग्र विकास करने वाला एक प्रामाणिक विज्ञान बन गया है।
- मानसिक दृढ़ता: योग शरीर को लचीलापन देने के साथ-साथ आज के तनावपूर्ण दौर में मानसिक दृढ़ता और वैचारिक संतुलन भी प्रदान करता है।
‘भारत तभी युवाओं का देश कहलाएगा, जब यहाँ का नागरिक योग से युवा रहेगा’
भारत के ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ (युवा आबादी) पर बात करते हुए उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण विचार साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत केवल कागजी आंकड़ों या आयु वर्ग के आधार पर युवाओं का देश नहीं कहलाएगा, बल्कि असली युवाओं का देश वह होगा जो योग के माध्यम से ऊर्जावान और युवा रहेगा।
भ्रम का निवारण: डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि यह धारणा पूरी तरह गलत है कि योग केवल युवाओं के लिए है। वास्तविकता यह है कि योग करने वाला प्रत्येक व्यक्ति भीतर से युवा हो जाता है। जब हम योग से अपने मन और मस्तिष्क को नियंत्रित करना सीख लेते हैं, तब जीवन के हर क्षेत्र में हमारी जवाबदेही और कार्यक्षमता बढ़ जाती है।
इस गरिमामयी समारोह में नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष अरुण शराप, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही सहित स्थानीय पार्षद और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व नागरिक उपस्थित रहे।




