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झारखंड बोर्ड रिजल्ट 2026: रशीदा, छोटी और श्वेता ने लहराया परचम, बेटियों की स्वर्णिम सफलता

झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। रशीदा नाज, छोटी कुमारी और श्वेता प्रसाद ने कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बेटियों ने एक बार फिर शानदार सफलता हासिल कर राज्य का गौरव बढ़ाया है।

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वर्ष 2026 की वार्षिक इंटरमीडिएट परीक्षा के नतीजे 6 मई को आधिकारिक रूप से साझा कर दिए हैं। इस वर्ष परीक्षा में शामिल हुए 85,104 विद्यार्थियों में से कुल 81,144 परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए हैं। परिणामों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि इस बार भी छात्राओं ने शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय देते हुए छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि, लड़कों ने भी विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

विज्ञान संकाय: रशीदा नाज ने किया कमाल

विज्ञान संकाय में धनबाद की रशीदा नाज ने पूरे प्रदेश में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। डीएवी +2 हाई स्कूल की छात्रा रशीदा ने 500 में से 489 अंक अर्जित कर अपनी मेहनत को सफलता में बदला है। उनके बाद फैजान आलम 483 अंकों के साथ द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि आकांक्षा कुमारी और सना आफरीन ने 481 अंक पाकर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान साझा किया। विज्ञान के क्षेत्र में इन युवाओं का प्रदर्शन राज्य की वैज्ञानिक प्रगति के लिए सुखद संकेत है।

कला और वाणिज्य संकाय के सितारे

कला संकाय में बोकारो की छोटी कुमारी ने 478 अंक हासिल कर राज्य में टॉप किया है। दुमका के अंकित कुमार दूसरे और रांची की अंशु कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं वाणिज्य संकाय में रांची का दबदबा देखने को मिला, जहाँ श्वेता प्रसाद ने 478 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। श्वेता योगदा सत्संग इंटरमीडिएट महाविद्यालय की छात्रा हैं। इसी संकाय में कृष कुमार बरनवाल दूसरे और प्रियांशी खत्री तीसरे स्थान पर रहीं, जिससे राजधानी के शैक्षणिक स्तर की मजबूती प्रमाणित होती है।

बेटियों की सफलता का बढ़ता ग्राफ

राज्य स्तरीय आंकड़ों के अनुसार, शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। कला संकाय में छात्राओं का सफलता प्रतिशत 96.68 रहा, जो छात्रों के 95.34 प्रतिशत से अधिक है। विशेष रूप से गुमला और लोहरदगा जैसे क्षेत्रों में बेटियों का प्रदर्शन लगभग शत-प्रतिशत रहा है। झारखंड बोर्ड की इस परीक्षा के परिणाम न केवल छात्रों की व्यक्तिगत उपलब्धि हैं, बल्कि यह राज्य में समावेशी शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ते कदमों का भी परिचायक है।

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