नौकरी पर खतरा! अतिथि शिक्षकों को तुरंत करना होगा ये काम
MP में 70 हजार अतिथि शिक्षकों के लिए नया ई-अटेंडेंस नियम लागू। 7 दिन गैरहाजिरी पर सेवा समाप्ति का प्रावधान, संगठनों ने आदेश को बताया तुगलकी फरमान और संशोधन की मांग की।

भोपाल। मध्य प्रदेश के करीब 70 हजार अतिथि शिक्षकों के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के मुताबिक यदि कोई अतिथि शिक्षक लगातार सात दिनों तक ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करता, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। यह व्यवस्था स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
क्या है नया ई-अटेंडेंस नियम?
प्रदेश के जिन शासकीय स्कूलों में स्थायी शिक्षकों की कमी है, वहां पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
- सभी अतिथि शिक्षकों को e-attendance सिस्टम से उपस्थिति दर्ज करनी होगी
- वेतन का भुगतान भी इसी आधार पर होगा
- 7 दिन लगातार अटेंडेंस नहीं → सेवा समाप्ति की कार्रवाई
- विभाग के अनुसार तकनीकी खराबी, नेटवर्क समस्या या अन्य कारणों का हवाला देकर बड़ी संख्या में शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद यह सख्ती की गई है।
अतिथि शिक्षकों का विरोध, आदेश को बताया ‘तुगलकी फरमान’
अतिथि शिक्षक संगठनों ने इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है।
- अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने कहा:
- जानबूझकर अनुपस्थित रहने वालों पर कार्रवाई उचित
- लेकिन बीमारी, दुर्घटना या आकस्मिक स्थिति के लिए कोई प्रावधान नहीं
- यह आदेश अव्यावहारिक है
आदेश में संशोधन की मांग
संगठन की प्रमुख मांगें:
✔ “कारण बताओ नोटिस” का प्रावधान जोड़ा जाए
✔ वास्तविक परिस्थितियों में राहत मिले
✔ तकनीकी समस्या को अनुपस्थिति न माना जाए
मांगें नहीं मानी गईं तो अतिथि शिक्षकों ने लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्या है सरकार का उद्देश्य?
- स्कूलों में नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करना
- फर्जी उपस्थिति पर रोक
- वेतन भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता
अब आगे क्या?
अब नजर इस बात पर है कि विभाग अतिथि शिक्षकों की मांगों को देखते हुए आदेश में संशोधन करता है या सख्ती बरकरार रहती है।




