सीमा पर ताकत का प्रदर्शन: देश का दूसरा सबसे बड़ा युद्धाभ्यास आज से
राजस्थान के महाजन रेंज में भारतीय सेना का हाई-इंटेंसिटी युद्धाभ्यास ‘खड़ग शक्ति 2026’। नाइट फायरिंग, T-90 टैंक, हेलिबोर्न ऑपरेशन और एयर-आर्मी तालमेल से नई वॉरफेयर स्ट्रैटेजी का प्रदर्शन।

बीकानेर/जैसलमेर. राजस्थान की पश्चिमी सीमा पर भारतीय सेना अपनी मारक क्षमता का बड़ा प्रदर्शन कर रही है। दो सप्ताह तक चलने वाले हाई-इंटेंसिटी युद्धाभ्यास ‘खड़ग शक्ति 2026’ में पश्चिमी कमान की प्रसिद्ध स्ट्राइक कोर ‘खड़ग कोर’ पूरी युद्धक क्षमता के साथ हिस्सा ले रही है। महाजन फायरिंग रेंज में होने वाला यह अभ्यास सेना की बदलती टेक्नोलॉजी-ड्रिवन वॉरफेयर रणनीति की झलक देगा।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली फुल-स्केल कॉम्बैट ड्रिल
सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार यह अभ्यास ऑपरेशन सिंदूर के बाद पश्चिमी कमान का पहला पूर्ण-स्तरीय युद्धाभ्यास है। इसका मकसद –
- कम समय में सटीक हमला
- आधुनिक हथियारों का समन्वित इस्तेमाल
- भारी सैनिक तैनाती के बजाय हाई-प्रिसिजन ऑपरेशन
नाइट कॉम्बैट: अंधेरे में सटीक हमला
अभ्यास का सबसे अहम हिस्सा नाइट फायरिंग है, जिसमें –
- थर्मल इमेजर और नाइट विजन से लैस T-90 ‘भीष्म’ टैंक
- बख्तरबंद और मशीनीकृत यूनिट्स
रात के अंधेरे में काल्पनिक दुश्मन के ठिकानों पर सटीक गोलाबारी करेंगी।
हेलीबोर्न ऑपरेशन और एयर-आर्मी तालमेल
युद्धाभ्यास में थल सेना और वायु सेना के बीच हाई लेवल कोऑर्डिनेशन देखने को मिलेगा –
- अटैक हेलीकॉप्टरों से हेलीबोर्न ऑपरेशन
- दुश्मन के पीछे सैनिकों की तैनाती
- आर्टिलरी और टैंक के साथ संयुक्त हमले का अभ्यास
उच्च सैन्य नेतृत्व की मौजूदगी
अभ्यास की रणनीतिक अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि –
- थल सेनाध्यक्ष
- आर्मी कमांडर सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी खुद महाजन रेंज पहुंचकर तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।
पश्चिमी सीमा पर कड़ा संदेश
पाकिस्तान से लगती पश्चिमी सीमा के पास इस तरह का युद्धाभ्यास भारत की सामरिक तैयारियों और त्वरित जवाबी क्षमता का सीधा संकेत माना जा रहा है।
खबर के मुख्य बिंदु
- महाजन रेंज में ‘खड़ग शक्ति 2026’ का हाई-इंटेंसिटी युद्धाभ्यास।
- स्ट्राइक कोर पूरी मारक क्षमता के साथ मैदान में।
- नाइट फायरिंग में T-90 टैंक और थर्मल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल।
- हेलिबोर्न ऑपरेशन में एयर-आर्मी का संयुक्त प्रदर्शन।
- पश्चिमी सीमा पर भारत की नई वॉरफेयर रणनीति का संदेश।




