Army Reshuffle: भारत में तैनात अफसर की वतन वापसी, संभालेंगे अहम पद
बांग्लादेश में नई सरकार बनते ही सेना में बड़ा फेरबदल, लेफ्टिनेंट जनरल एम मैनुर रहमान बने नए CGS। भारत के साथ रिश्तों में सुधार के संकेत।

ढाका. बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद सेना के शीर्ष स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। इस बदलाव में नए चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) की नियुक्ति के साथ रणनीतिक कमानों और सैन्य खुफिया ढांचे में भी अहम परिवर्तन किए गए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कदम नई सरकार की सुरक्षा और रणनीतिक प्राथमिकताओं से जुड़ा माना जा रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल एम मैनुर रहमान बने नए CGS
‘ढाका ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार:
- लेफ्टिनेंट जनरल एम मैनुर रहमान को नया CGS नियुक्त किया गया
- वे पहले आर्मी ट्रेनिंग एंड डॉक्ट्रिन कमांड (ARTDOC) के GOC थे
- यह पद बांग्लादेश सेना में ऑपरेशनल प्लानिंग और कोऑर्डिनेशन के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।
भारत में तैनात रक्षा सलाहकार को वापस बुलाया गया
भारत स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के रक्षा सलाहकार
ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद हाफिजुर रहमान को:
- मेजर जनरल के रैंक में प्रमोट किया गया
- एक इन्फैंट्री डिवीजन का GOC बनाकर ढाका बुलाया गया
इस कदम को भी सैन्य ढांचे में बड़े पुनर्गठन के तौर पर देखा जा रहा है।
BNP की ऐतिहासिक जीत के बाद बदलाव
- 12 फरवरी के चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को दो-तिहाई बहुमत
- तारिक रहमान ने 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली
- इससे मुहम्मद यूनुस का 18 महीने का अंतरिम शासन खत्म हुआ
- नई सरकार के सत्ता संभालते ही सेना में यह बड़ा फेरबदल किया गया।
भारत-बांग्लादेश रिश्तों में नई शुरुआत के संकेत
ढाका में भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से मुलाकात की। उन्होंने कहा:
✔ भारत नई सरकार के साथ संवाद को आगे बढ़ाने को उत्सुक
✔ पारस्परिक हित और सहयोग पर जोर
✔ हर क्षेत्र में रिश्ते मजबूत करने की इच्छा
बैठक में विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद भी मौजूद थीं।
यूनुस सरकार के दौरान रिश्तों में आई थी गिरावट
मुहम्मद यूनुस के कार्यकाल में:
- भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ा
- 1971 के बाद सबसे निचले स्तर तक पहुंचने की बात कही गई
- नई सरकार के आने के बाद अब रिश्तों में रीसेट की संभावनाएं देखी जा रही हैं।




