Rail Project Impact: MP में लाखों पेड़ों की बलि की तैयारी, ग्रीन सिग्नल का इंतजार
महू-खंडवा गेज परिवर्तन परियोजना के लिए अंतिम पर्यावरण मंजूरी का इंतजार। 454 हेक्टेयर वन भूमि में निर्माण, 1.24 लाख पेड़ों की कटाई की संभावना, बदले में दोगुना पौधारोपण।

इंदौर. मध्यप्रदेश की महत्वाकांक्षी महू-खंडवा गेज परिवर्तन परियोजना के तहत घने जंगलों में रेल लाइन निर्माण शुरू करने के लिए भारतीय रेलवे ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अंतिम स्वीकृति मांगी है। मंजूरी मिलते ही इंदौर और खरगोन जिलों में ब्रॉड गेज लाइन के लिए पेड़ों की कटाई और निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
नैरो गेज की जगह बनेगी ब्रॉड गेज लाइन
यह 156 किमी लंबी ब्रॉड गेज लाइन आजादी से पहले रियासतों के समय बिछाए गए 118 किमी नैरो गेज ट्रैक की जगह लेगी। गेज परिवर्तन का काम जारी है और इसे अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
90 किमी सेक्शन के लिए अंतिम मंजूरी जरूरी
वेस्टर्न रेलवे रतलाम डिवीजन के पीआरओ मुकेश कुमार के अनुसार महू (डॉ. अंबेडकर नगर) से ओंकारेश्वर रोड के बीच लगभग 90 किमी सेक्शन में शेष कार्य के लिए केंद्रीय मंत्रालय से अंतिम स्वीकृति आवश्यक है। महू और मुख्त्यारा-बलवाड़ा के बीच करीब 454 हेक्टेयर वन भूमि पर निर्माण प्रस्तावित है।
वन विभाग को 100.08 करोड़ रुपए जमा
रेलवे ने वन भूमि के उपयोग के लिए पहले ही 100.08 करोड़ रुपए वन विभाग में जमा कर दिए हैं और मंत्रालय से इन-प्रिंसिपल मंजूरी प्राप्त कर ली है।
1.24 लाख पेड़ों की कटाई की संभावना
वन विभाग के अनुसार शेष निर्माण कार्य के लिए करीब 1.24 लाख पेड़ों की कटाई करनी पड़ सकती है। हालांकि पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है।
मुआवजे के तौर पर दोगुने पौधे लगाए जाएंगे
पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए प्रभावित क्षेत्र से दोगुने क्षेत्र में पौधारोपण किया जाएगा। साथ ही अधिक से अधिक पेड़ों को बचाने के उपाय भी किए जा रहे हैं।
कनेक्टिविटी और माल परिवहन को मिलेगा लाभ
इस परियोजना के पूरा होने से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे यात्री सुविधाओं के साथ-साथ माल ढुलाई भी तेज और सुगम होगी।




