विकास का ब्लूप्रिंट: आम बजट के जरिए भारत की अर्थव्यवस्था के लिए 6 सूत्रीय रणनीति
Budget 2026 Live: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज आम बजट पेश करेंगी। 9वीं बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड, स्पीच टाइम, शेड्यूल और बजट से जुड़ी प्रमुख उम्मीदें।

नई दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को भारत का आम बजट 2026 (Aam Budget 2026) संसद में पेश कर रही हैं। बजट को लेकर केंद्रीय कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस बजट के साथ ही निर्मला सीतारमण एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम करेंगी। वह 9वीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी, जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है।
मध्यम वर्ग और व्यापारियों को राहत की उम्मीद
इस बार के बजट से मध्यम वर्ग को महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि व्यापारी वर्ग टैक्स में कटौती की आस लगाए बैठा है। पिछले चार वर्षों की तरह यह बजट भी पूरी तरह पेपरलेस स्वरूप में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 में जब निर्मला सीतारमण ने अपना पहला बजट पेश किया था, तब उन्होंने चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटा पारंपरिक बही-खाता साथ लेकर नई परंपरा की शुरुआत की थी। वहीं, साल 2017 से बजट एक फरवरी को ही पेश किया जा रहा है।
बजट 2026: स्पीच और कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल
सुबह 10:15 बजे केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होगी, जिसमें आम बजट को औपचारिक मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद वित्त मंत्री राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति को बजट पेश किए जाने की जानकारी देंगी। करीब 11 बजे वित्त मंत्री लोकसभा में बजट भाषण शुरू करेंगी। लोकसभा में बजट भाषण के बाद इसे राज्यसभा के पटल पर भी रखा जाएगा। वर्तमान बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ है। सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल को समाप्त होगा।
बजट 2026 से क्या हैं प्रमुख अपेक्षाएं?
आर्थिक समीक्षा के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि संभावनाएं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुमानों से बेहतर आंकी गई हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की विकास दर 6.4 प्रतिशत, जबकि विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक (ADB) ने 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
वहीं, संसद में पेश की गई आर्थिक समीक्षा में 2025-26 के लिए देश की संभावित वृद्धि दर को पहले अनुमानित 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे सरकार के विकास और निवेश केंद्रित बजट पेश करने की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।




