मध्य प्रदेश

पुष्प उत्पादन को उद्योग का दर्जा देने की पहल: कुशवाह

मध्यप्रदेश में पुष्प उत्पादन को व्यावसायिक रूप देने की दिशा में बड़ा कदम। 30 जनवरी को भोपाल में राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी, किसानों की आय बढ़ाने और पुष्प क्लस्टर विकास पर जोर।

भोपाल. उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रदेश में पुष्प उत्पादन को संगठित और व्यावसायिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा। पुष्प खेती के प्रति किसानों को आकर्षित करने के उद्देश्य से 30 जनवरी को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा गुलाब उद्यान में राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।

पुष्प प्रदर्शनी में किसानों, विशेषज्ञों और उद्यमियों की भागीदारी

मंत्री कुशवाह ने बताया कि प्रदर्शनी में पुष्प उत्पादक कृषक, पुष्प विशेषज्ञ, नर्सरी व्यवसाय से जुड़े उद्यमी, पुष्प उत्पादक संस्थाओं के प्रतिनिधि, कृषि विश्वविद्यालयों के छात्र और पुष्प प्रेमी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुष्प उत्पादन में देश में द्वितीय स्थान पर है। प्रदेश के लगभग 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती हो रही है, जिससे प्रतिवर्ष करीब 5 लाख मीट्रिक टन पुष्प उत्पादन होता है। इस क्षेत्र से लगभग 40 हजार किसान जुड़े हुए हैं।

किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य

मंत्री कुशवाह ने कहा कि राज्य शासन का उद्देश्य पुष्प उत्पादन को व्यावसायिक रूप देकर किसानों की आय दोगुनी करना और मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी पुष्प उत्पादक राज्य बनाना है। फूलों की अधिक मांग वाले धार्मिक स्थलों और शहरों के आसपास पुष्प उत्पादन क्लस्टर विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसी कड़ी में 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले को बड़ा अवसर मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर उज्जैन के आसपास लगभग 100 एकड़ में विशेष पुष्प क्लस्टर विकसित किया जा रहा है।

गुना के गुलाब ने बनाई देश-विदेश में पहचान

मंत्री कुशवाह ने बताया कि प्रदेश के गुना जिले के किसानों ने गुलाब उत्पादन में देश और विदेश में नई पहचान बनाई है। गुना का गुलाब दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु सहित विदेशों तक पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि पुष्प उत्पादन को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना से भी जोड़ा गया है, जिससे कई हितग्राही फूलों से बनने वाले प्रसंस्कृत उत्पादों के व्यवसाय से जुड़ रहे हैं।

राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी के उद्देश्य

  • पुष्पों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि
  • विभिन्न प्रजातियों में फूलों के उत्पादन को प्रोत्साहन
  • नवीन तकनीकों, उन्नत किस्मों और आधुनिक उत्पादन विधियों से किसानों को जोड़ना
  • पुष्प एवं शोभायमान पौधों की नर्सरियों को बढ़ावा
  • शहरी क्षेत्रों में उद्यान, वाटिकाओं और हरित परिवेश के प्रति रुचि विकसित करना
  • पर्यावरण संरक्षण और हरित जीवनशैली के प्रति जन-जागरूकता

प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण

  • बहुवर्षीय पुष्प: गुलाब, जर्बेरा, गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा, ग्लेडियोलस, ऑर्किड, लिलियम, एंथुरियम, कारनेशन, गुड़हल, बोगनवेलिया
  • मौसमी पुष्प: जीनिया, पैंजी, फ्लॉक्स, एस्टर, मेरीगोल्ड, जिरेनियम
  • गमलों में शोभायमान पौधे: क्रोटन, ड्रैसीना, कोलियस, पाम, पर्पल हार्ट
  • विशेष श्रेणियाँ: कैक्टस समूह, बोन्साई समूह और पुष्पों से बने प्रसंस्कृत उत्पाद

कृषकों और उद्यमियों का होगा सम्मान

पुष्प एवं शोभायमान पौधों के उत्पादन तथा पुष्प प्रसंस्करण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, उद्यमियों और समूहों को प्रदर्शनी के दौरान सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।

थीम आधारित कलात्मक प्रस्तुतियाँ

प्रदर्शनी स्थल पर पुष्पों से निर्मित कलात्मक आकृतियाँ, थीम आधारित संरचनाएँ और रचनात्मक डिज़ाइन प्रदर्शित किए जाएंगे, जो प्रकृति, कृषि, उद्यानिकी और नवाचार का जीवंत संगम प्रस्तुत करेंगे। यह प्रदर्शनी प्रदेश में हरित और सतत विकास का सशक्त संदेश देगी।

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