जयपुर बना गौरव का केंद्र, राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार 2026 का शानदार आयोजन
जयपुर में राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार 2026 का भव्य आयोजन, शिक्षा, सामाजिक सेवा, स्वास्थ्य व मीडिया सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट व्यक्तित्व सम्मानित।

जयपुर. देशभर में सामाजिक सेवा और उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने वाला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार 2026 (Rashtriya Gaurav Puraskar 2026) का भव्य एवं गरिमामय आयोजन 26 जनवरी को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC), जयपुर में किया गया।
इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित उन विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने शिक्षा, सामाजिक सेवा, स्वास्थ्य, प्रशासन, कला, संस्कृति, नवाचार, मीडिया और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
कार्यक्रम की आयोजक संस्था YSS India के अध्यक्ष कमल चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार का उद्देश्य ऐसे कर्मठ नागरिकों को सम्मानित करना है, जो अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। यह मंच केवल सम्मान का नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व को सशक्त करने का माध्यम है।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
YSS के मीडिया प्रभारी पत्रकार डॉ. अखिल बंसल के अनुसार समारोह में न्यायपालिका, प्रशासन, रक्षा सेवाओं और पुलिस विभाग से जुड़े विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय ध्वज सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, मीडिया कवरेज और भव्य मंच व्यवस्था आकर्षण का केंद्र रहीं। सम्मानित प्रतिभागियों को सम्मान पत्र, ट्रॉफी, राष्ट्रीय पदक और आधिकारिक पहचान पत्र अतिथियों द्वारा प्रदान किए गए।
पिछले वर्षों की सफलता के बाद इस वर्ष कार्यक्रम को और अधिक व्यापक व प्रभावशाली स्वरूप दिया गया, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक और रचनात्मक कार्यों को नई पहचान मिल सके।
देशभक्ति और एकता का संदेश
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित यह समारोह देशभक्ति, एकता और सामाजिक चेतना के संदेश को और अधिक मजबूत करता नजर आया। आयोजकों ने जानकारी दी कि अगला राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार समारोह 15 अगस्त 2026 को दिल्ली में इसी भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार 2026 से सम्मानित प्रमुख व्यक्तित्व
इस वर्ष सम्मानित होने वालों में डॉ. अखिल बंसल (जयपुर), सुरेन्द्र पाण्डया (जयपुर), शैलेन्द्र जैन (अलीगढ़), डॉ. राजीव जैन (आगरा), डॉ. राजीव प्रचण्डिया (अलीगढ़), सुरेन्द्र मिश्रा (भोपाल), अजित बंसल (जयपुर), पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ (कोटा), मयंक जैन (अलीगढ़), डॉ. रीना सिन्हा (मुंबई) और डॉ. मीना जैन (उदयपुर) प्रमुख रूप से शामिल रहीं।




