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स्टार्टअप इंडिया की बड़ी कामयाबी! 2 लाख+ स्टार्टअप, 21 लाख से अधिक रोजगार: पीयूष गोयल

स्टार्टअप इंडिया को 10 साल पूरे। पीयूष गोयल बोले—देश में 2 लाख स्टार्टअप्स से 21 लाख रोजगार, टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रहा आधा इकोसिस्टम।

नई दिल्ली. देश में शुक्रवार को ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व नरेंद्र मोदी ने किया, जिसमें देशभर के प्रमुख स्टार्टअप उद्यमियों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया।

इस मौके पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आज भारत में लगभग 2 लाख स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं, जिनके माध्यम से अब तक 21 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभा रहा है और लगातार सशक्त हो रहा है।

पीयूष गोयल ने बताया कि भारतीय स्टार्टअप्स वर्तमान में 50 से अधिक क्षेत्रों में कार्यरत हैं, जिनमें टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, एग्रीटेक, फिनटेक, ड्रोन टेक्नोलॉजी और डीप टेक जैसे प्रमुख सेक्टर शामिल हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले बजट में सरकार द्वारा घोषित 10 हजार करोड़ रुपये के ‘फंड ऑफ फंड्स’ के माध्यम से हाई-टेक और डीप टेक स्टार्टअप्स को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रहा आधा स्टार्टअप इकोसिस्टम

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के कुल स्टार्टअप्स में से करीब 50 प्रतिशत टियर-2 और टियर-3 शहरों से उभरकर सामने आए हैं। यह दर्शाता है कि उद्यमिता अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रही है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्य ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र बनकर उभर रहे हैं।

वैश्विक साझेदारी की ओर भारत

पीयूष गोयल के अनुसार, दुनिया के 100 से अधिक देश भारत के साथ स्टार्टअप सेक्टर में साझेदारी करना चाहते हैं। सरकार इस दिशा में रणनीति तैयार कर रही है, ताकि भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच पर अधिक अवसर मिल सकें।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ क्रांति को एक दशक पूरा होना भारत की नवाचार यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है। उन्होंने लिखा कि यह पहल एक साहसिक कदम थी, जिसने भारत को बड़ा सोचने और उससे भी बड़ा करने की ताकत दी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस दूरदर्शी पहल की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स और उनके द्वारा सृजित 21 लाख से ज्यादा रोजगार हैं। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर उन्होंने इसे निरंतरता, समावेशिता और विकास की मिसाल बताते हुए भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के उज्ज्वल भविष्य पर भरोसा जताया।

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