मध्य प्रदेश

भोपाल में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों का संगम: विरासत संरक्षण, नए सहयोग और सांची की ऐतिहासिक यात्रा पर बनी सहमति

भोपाल में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न। सांस्कृतिक विरासत, सहयोग, सांची भ्रमण और मध्य प्रदेश के पारम्परिक व्यंजनों से सजी यह अंतरराष्ट्रीय वार्ता वैश्विक मंच पर मध्य प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले गई।

भोपाल. भोपाल में आयोजित ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों के उच्चस्तरीय सम्मेलन में सांस्कृतिक संपदा के संरक्षण, संग्रहालयों के विकास, रचनात्मक अर्थव्यवस्था तथा जन-साधारण के बीच आपसी संबंधों को प्रगाढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस विशेष सत्र में भाग ले रहे अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उनके लिए दोपहर के विशेष भोजन की व्यवस्था की।

ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों का साझा रोडमैप और घोषणा पत्र

अगस्त माह के शुरुआती सप्ताह में प्रारंभ हुए इस ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन का चतुर्थ दिवस सबसे महत्वपूर्ण साबित हुआ। इस वार्ता का समापन ‘ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा’ को आधिकारिक रूप से स्वीकार करने के साथ हुआ। यह ऐतिहासिक दस्तावेज़ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर सांस्कृतिक तालमेल, क्षमता निर्माण और भावी कार्ययोजना के लिए एक स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रस्तुत करता है।

यूनेस्को धरोहर सांची का विशेष भ्रमण और आध्यात्मिक अनुभव

वैचारिक सत्रों के समापन के पश्चात समस्त विदेशी प्रतिनिधिमंडल विश्व प्रसिद्ध यूनेस्को धरोहर स्थल सांची के अध्ययन दौरे पर रवाना हुआ। प्रतिनिधियों ने ‘बुद्ध जंबूदीप’ का अवलोकन किया और ऐतिहासिक सांची स्तूप का गाइडेड टूर लिया। इसके अतिरिक्त, अतिथियों ने चेतियागिरी मंदिर में दर्शन किए, योग तथा ध्यान सत्रों में सहभागिता की और संध्या समय बौद्ध कला पर केंद्रित 3D प्रोजेक्शन मैपिंग तथा लाइट एंड साउंड शो का अवलोकन किया।

बुंदेली और मालवी व्यंजनों की अनूठी पाक कला का प्रदर्शन

अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के भोजन हेतु प्रदेश की समृद्ध खान-पान परंपरा का विशेष ध्यान रखा गया। भोजन में दाल-बाफले, निमोना, रिकमच, घुइयां की सब्जी, चंबल का थोपा, चंदिया और बड़ा के साथ-साथ कोदो-कुटकी जैसे पारंपरिक मिलेट्स से निर्मित पौष्टिक व्यंजन परोसे गए। इसके साथ ही, प्रतिनिधियों की व्यक्तिगत पसंद को ध्यान में रखते हुए पाश्चात्य और ओरिएंटल व्यंजनों का भी प्रावधान किया गया था।

भोपाल के सौंदर्य और आतिथ्य से प्रभावित हुए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि

मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के तत्वावधान में प्रतिनिधियों के लिए विशेष हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया, जिसमें गौहर महल, इकबाल मैदान और मोती मस्जिद की वास्तुकला प्रदर्शित की गई। मेहमानों ने वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में जैव विविधता का जायजा लिया और बड़े तालाब में शिकारा की सैर के साथ बर्ड वॉचिंग का आनंद उठाया।

ईरान और चीन के प्रतिनिधियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया

ईरान के सांस्कृतिक प्रतिनिधि हामिद मोस्तफवी और अयूब देहघांकर ने भोपाल के प्राकृतिक वैभव एवं आत्मीय आतिथ्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने हिंदी और फारसी भाषा के ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश के प्रयासों की सराहना की। वहीं, चीनी प्रतिनिधि हाइिलिंग ने राज्य की समृद्ध वन्यजीव संपदा को अद्भुत बताते हुए वैश्विक पर्यटकों से मध्य प्रदेश का भ्रमण करने का आह्वान किया।

सांस्कृतिक कूटनीति के सफल माध्यम के रूप में भोपाल की पहचान

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल के अनुसार, इस सम्मेलन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक सौंदर्य और अतिथि सत्कार को सशक्त पहचान दी है। प्रतिनिधियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि यह आयोजन केवल औपचारिक वार्ताओं तक सीमित न रहकर देशों के मध्य संबंधों को मजबूत करने का एक जीवंत माध्यम साबित हुआ है।

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