मुंबई में अमेरिका को मिला नया कॉन्सल जनरल, यूरी आर. फेडकिव ने संभाला कार्यभार
यूरी आर. फेडकिव ने मुंबई में नए अमेरिकी कॉन्सल जनरल के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उनके पास कई देशों में कूटनीतिक अनुभव है। भारत में उनका फोकस आर्थिक सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय संबंधों को मजबूत करने पर रहेगा।
मुंबई. यूरी आर. फेडकिव ने मुंबई में अमेरिका के नए कॉन्सल जनरल के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने 7 जुलाई 2026 से अपनी नई जिम्मेदारी शुरू की। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। मुंबई स्थित अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास की जिम्मेदारी संभालते हुए उनका प्रमुख लक्ष्य दोनों देशों के बीच साझेदारी को और सुदृढ़ बनाना होगा।
कई देशों में कूटनीतिक अनुभव का लाभ
मुंबई आने से पहले यूरी आर. फेडकिव स्विट्जरलैंड के बर्न में राजनीतिक और आर्थिक मामलों के काउंसलर के रूप में कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने कार्यवाहक उप मिशन प्रमुख की जिम्मेदारी भी निभाई और स्विट्जरलैंड तथा लिकटेंस्टीन के साथ अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंतरराष्ट्रीय मामलों में रहा व्यापक अनुभव
फेडकिव का राजनयिक अनुभव कई देशों तक फैला हुआ है। उन्होंने यूक्रेन, पोलैंड, इराक, स्लोवेनिया और जापान में अमेरिकी दूतावासों में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक और आर्थिक मामलों के साथ व्यापार, सुरक्षा सहयोग, कानून प्रवर्तन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अंतरराष्ट्रीय सहायता और हथियारों के प्रसार पर नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य किया।
अफगानिस्तान मामलों और क्षेत्रीय कूटनीति में निभाई अहम भूमिका
वर्ष 2021 में उन्होंने कतर में अफगानिस्तान मामलों से संबंधित विशेष इकाई के गठन में योगदान दिया। इस दौरान मानवाधिकार, मानवीय सहायता और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत में उनकी सक्रिय भूमिका रही। इसके अलावा वे पाकिस्तान के लाहौर में कॉन्सल जनरल, जापान के फुकुओका में प्रिंसिपल ऑफिसर और चीन के चेंगदू में कॉन्सल जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
भारत में आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा बढ़ावा
फॉरेन सर्विस में आने से पहले फेडकिव ने जापान के एक स्थानीय प्रशासनिक निकाय में भी कार्य किया था। उनके पास अंतरराष्ट्रीय मामलों में दो स्नातकोत्तर डिग्रियां और ईस्ट एशियन स्टडीज में स्नातक की डिग्री है। भारत में अपने कार्यकाल के दौरान वे विभिन्न क्षेत्रीय नेताओं और संस्थानों के साथ संवाद बढ़ाकर आर्थिक हितों को मजबूत करने, रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने पर ध्यान देंगे। भारतीय संस्कृति, भाषाओं और विविध परंपराओं को समझने में भी उनकी विशेष रुचि है।
अमेरिकी कॉन्सल जनरल की क्या होती है भूमिका?
अमेरिकी कॉन्सल जनरल किसी देश में स्थित अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास के प्रमुख होते हैं। उनकी जिम्मेदारियों में वीजा सेवाओं का संचालन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना तथा विदेश में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को आवश्यक कांसुलर सहायता उपलब्ध कराना शामिल होता है। मुंबई जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्र में यह पद भारत-अमेरिका संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।




