पीएम मित्र पार्क से बदलेगी मध्यप्रदेश की तस्वीर, कपड़ा उद्योग और किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
मध्यप्रदेश टेक्सटाइल उद्योग में तेजी से उभरता निवेश केंद्र बन रहा है। पीएम मित्र पार्क, नई औद्योगिक नीतियों, सब्सिडी और एमओयू के जरिए राज्य में कपड़ा उत्पादन, निर्यात और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे किसानों और उद्योग जगत को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
भोपाल. मध्यप्रदेश टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और औद्योगिक नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से कपड़ा उत्पादन के साथ रोजगार के अवसरों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स-2026 के राउंड टेबल संवाद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योग जगत को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए राज्य को उद्योगों के लिए अनुकूल गंतव्य बताया।
पीएम मित्र पार्क से किसानों और उद्योग दोनों को मिलेगा लाभ
धार जिले में विकसित हो रहे देश के पहले पीएम मित्र पार्क को प्रदेश के टेक्सटाइल विकास की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग तीन लाख रोजगार सृजित होने का अनुमान है। साथ ही मालवा-निमाड़ क्षेत्र के छह लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना खेती, उत्पादन, प्रसंस्करण और वैश्विक बाजार तक पूरी सप्लाई चेन को एक मंच पर जोड़ने में मदद करेगी।
महेश्वरी और चंदेरी साड़ियों की विरासत को मिलेगा नया विस्तार
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की पारंपरिक वस्त्र विरासत का भी उल्लेख किया गया। महेश्वरी और चंदेरी साड़ियों को प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान बताते हुए कहा गया कि इन हस्तशिल्प उत्पादों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। आधुनिक ब्रांडिंग और पैकेजिंग के साथ पारंपरिक बुनकरी को नए बाजारों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
उद्योगों के लिए बेहतर माहौल और समय पर सब्सिडी
राज्य सरकार ने टेक्सटाइल उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने का दावा किया है। बेहतर कानून व्यवस्था, प्रशिक्षित मानव संसाधन और उद्योग हितैषी नीतियों के साथ निवेशकों को समय पर प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार के अनुसार मई 2026 तक की सभी सब्सिडी देनदारियों का भुगतान पूरा कर दिया गया है और पिछले डेढ़ वर्ष में लगभग 5,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि विभिन्न उद्योगों को प्रदान की गई है। साथ ही सौर ऊर्जा और पंप स्टोरेज आधारित बिजली उपलब्धता से औद्योगिक विकास को भी मजबूती मिल रही है।
निवेश बढ़ाने के लिए हुए समझौते और उद्योग जगत से संवाद
भारत टेक्स-2026 के दौरान टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ निवेश, निर्यात, उत्पादन और रोजगार सृजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर अपैरल, मैनमेड एवं टेक्निकल टेक्सटाइल तथा कॉटन टेक्सटाइल निर्यात से जुड़े प्रमुख संगठनों के साथ सहयोग संबंधी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा उद्योग प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर भविष्य की निवेश संभावनाओं और औद्योगिक विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिससे मध्यप्रदेश को टेक्सटाइल उद्योग के प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में नए अवसर खुलने की उम्मीद है।




