भोपाल में कृष्णा गौर का संदेश, अंत्योदय और पर्यावरण संरक्षण को बताया सरकार की प्राथमिकता
भोपाल में आयोजित कार्यक्रमों में राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने जनसेवा, अंत्योदय, पर्यावरण संरक्षण और लोककल्याणकारी योजनाओं पर जोर दिया। उन्होंने पौधरोपण किया, स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया और जरूरतमंद महिलाओं को साड़ियां वितरित कीं।

भोपाल. भोपाल में आयोजित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के दौरान पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि जनप्रतिनिधि का वास्तविक धर्म समाज के जरूरतमंद, गरीब और वंचित वर्ग की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ समाधान करना ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में विकास और लोककल्याण को समान प्राथमिकता देते हुए अनेक योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में किया पौधरोपण
बावड़ियाकला स्थित इंडस गार्डन फेस-1 में आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कृष्णा गौर ने पौधरोपण किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी का प्रभावी माध्यम है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच हरियाली का संरक्षण समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण बचाने के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। साथ ही चेताया कि प्रकृति के साथ लगातार हो रहा हस्तक्षेप भविष्य में जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं जैसी गंभीर चुनौतियों को बढ़ा सकता है।
स्वास्थ्य शिविर और जरूरतमंदों के लिए सहयोग
राज्यमंत्री ने वार्ड-68 के किरण नगर और निजामुद्दीन कॉलोनी में आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को साड़ियां वितरित कीं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उनके अनुसार अंत्योदय की भावना को मजबूत करते हुए स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को हर जरूरतमंद तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। विभिन्न विकास और जनकल्याण गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सहयोग का संदेश भी दिया गया। आयोजन के दौरान जनसहभागिता और सामुदायिक सहयोग पर विशेष जोर दिया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर जनकल्याण अभियानों को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई।




