IFFM 2026 की ओपनिंग नाइट फिल्म बनी ‘मेंबर्स ऑफ द प्रॉब्लेमैटिक फैमिली’, मेलबर्न में होगा प्रीमियर
इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) 2026 की ओपनिंग नाइट के लिए तमिल फिल्म 'मेंबर्स ऑफ द प्रॉब्लेमैटिक फैमिली' का चयन हुआ है। फिल्म का ऑस्ट्रेलियाई प्रीमियर 14 अगस्त को मेलबर्न में होगा।
दक्षिणी गोलार्ध में भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े आयोजनों में शामिल इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) 2026 की ओपनिंग नाइट फिल्म के रूप में समीक्षकों की सराहना हासिल कर चुकी तमिल फिल्म ‘मेंबर्स ऑफ द प्रॉब्लेमैटिक फैमिली’ को चुना गया है। फिल्म का ऑस्ट्रेलियाई प्रीमियर 14 अगस्त को मेलबर्न में आयोजित होगा। यह चयन भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा की वैश्विक पहचान को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
बर्लिनाले के बाद अंतरराष्ट्रीय सफर को मिलेगी नई उड़ान
बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 में वर्ल्ड प्रीमियर के बाद यह फिल्म अब अपने अंतरराष्ट्रीय सफर का अगला पड़ाव IFFM में तय करेगी। 13 से 23 अगस्त तक चलने वाले इस प्रतिष्ठित महोत्सव में फिल्म को ज्यूरी प्रतियोगिता के तहत बेस्ट इंडी फिल्म और बेस्ट डायरेक्टर श्रेणियों में भी नामांकन मिला है। निर्देशक आर. गौतम और मुख्य अभिनेता करुथ्थडायन ओपनिंग नाइट समारोह और प्रीमियर में शामिल होंगे।
पारिवारिक रिश्तों और भावनाओं की संवेदनशील कहानी
आर. गौतम के निर्देशन में बनी यह फिल्म प्रभा नाम के एक युवा की रहस्यमयी मौत के बाद उसके परिवार और समुदाय में पैदा होने वाली भावनात्मक उथल-पुथल को केंद्र में रखती है। अंतिम संस्कार से जुड़ी 16 दिनों की रस्मों के दौरान परिवार के सदस्यों के बीच वर्षों से छिपे रिश्ते, तनाव और भावनाएं सामने आती हैं। फिल्म कई पात्रों के माध्यम से शोक, पारिवारिक संबंधों और मानवीय संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है।
निर्देशक ने जताई खुशी
निर्देशक आर. गौतम ने फिल्म के चयन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके लिए बेहद खास परियोजना है। उनके अनुसार फिल्म परिवार, दुख और समाज के भीतर मौजूद जटिल रिश्तों को संवेदनशील तरीके से सामने लाती है। उन्होंने कहा कि बर्लिनाले में प्रीमियर के बाद IFFM की ओपनिंग नाइट फिल्म चुना जाना पूरी टीम के लिए सम्मान की बात है और ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों के सामने फिल्म प्रस्तुत करने को लेकर सभी उत्साहित हैं।
भारतीय सिनेमा की विविधता का उत्सव बनेगा IFFM 2026
फेस्टिवल डायरेक्टर मितु भौमिक लांगे ने कहा कि IFFM हमेशा भारत की विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों की कहानियों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का माध्यम रहा है। उनके अनुसार यह फिल्म तमिल संस्कृति से गहराई से जुड़ी होने के बावजूद अपने मानवीय विषयों के कारण दुनिया भर के दर्शकों से जुड़ने की क्षमता रखती है। महोत्सव में विभिन्न भारतीय भाषाओं की चर्चित फिल्मों की स्क्रीनिंग, विशेष संवाद सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कई अन्य आयोजन भी होंगे, जिनके जरिए भारतीय सिनेमा की समृद्ध विरासत और विविधता का उत्सव मनाया जाएगा।




